UP Politics: गोमूत्र खरीद पर गरमाई यूपी की सियासत, इमरान मसूद ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

उत्तर प्रदेश की गोमूत्र खरीद योजना को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने यूपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने रोजगार, महंगाई और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की मांग की। मसूद ने योजना पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘फोडर स्कैम से भी बड़ा स्कैम’ बताया। उन्होंने अमित शाह और छात्र आंदोलनों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 11, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश में गोमूत्र खरीद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रदेश सरकार की इस पहल पर सवाल उठाते हुए इसे युवाओं और आम जनता की प्राथमिक समस्याओं से जोड़कर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी योजनाओं के साथ-साथ रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।

इमरान मसूद ने गोमूत्र खरीद योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा, “बस इसी काम पर रह गए… रोजगार भी दोगे कि नहीं।” उनके इस बयान के बाद योजना को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार की बड़ी चुनौती है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

गोमूत्र खरीद पर इमरान मसूद का बड़ा आरोप

कांग्रेस सांसद ने गोमूत्र खरीद के फैसले पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की योजनाओं से जुड़े पहलुओं की जांच की जानी चाहिए। इमरान मसूद ने दावा किया कि “ये फोडर स्कैम से भी बड़ा स्कैम है।” हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है और उन्होंने इसके समर्थन में कोई विशिष्ट प्रमाण इस बयान में पेश नहीं किया।

उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

यूपी सरकार की गोमूत्र खरीद पहल को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

गोमूत्र खरीद की पहल को लेकर सरकार की ओर से इसे पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। वहीं विपक्ष इस योजना के उद्देश्य और प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है। इसी को लेकर अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है।

इमरान मसूद का कहना है कि किसी भी सरकारी योजना का मूल्यांकन उसके प्रभाव और जनता को मिलने वाले लाभ के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने रोजगार और आर्थिक समस्याओं को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाने की मांग की।

अमित शाह के बयान पर भी इमरान मसूद का निशाना

दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर भी इमरान मसूद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि किसी भी कार्रवाई को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इमरान मसूद ने कहा कि विपक्ष लगातार इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठा रहा है।

झारखंड छात्र आंदोलन पर इमरान मसूद ने बीजेपी को घेरा

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी कांग्रेस सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है। मसूद ने दावा किया कि झारखंड सरकार छात्रों की मांगों को सुनेगी और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करेगी।

उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला।

इमरान मसूद ने उठाई जवाबदेही की मांग

इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विरोध और असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रदर्शन और अपनी मांग रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि यदि कोई बाहरी ताकत किसी छात्र आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश करती है, तो इससे छात्रों के वास्तविक मुद्दे कमजोर पड़ सकते हैं। उन्होंने सरकारों से अपील की कि वे छात्रों की मांगों पर बातचीत करें और समस्याओं का समाधान निकालें।

कई मुद्दों पर सियासी घमासान

इमरान मसूद के बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की गोमूत्र खरीद योजना, रोजगार, महंगाई और छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। एक तरफ सरकार इस तरह की योजनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दल रोजगार और जनता की प्राथमिक समस्याओं को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।