24 Carat Gold Price: आज बुधवार को बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में बिकवाली का दबाव देखा गया। एमसीएक्स (MCX) पर सुबह 10:15 बजे तक फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाले 24 कैरट सोने का भाव लगभग 794 रुपये गिरकर 1,38,289 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई अस्थिरता ने घरेलू बाजार में सोने की चमक को कम कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से जारी तेजी के बाद यह निवेशकों के लिए खरीदारी का एक नया अवसर हो सकता है।
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सिल्वर मार्केट में मची अफरा-तफरी
बताते चले कि, सोने के साथ-साथ चांदी के निवेशकों को भी आज बड़ा झटका लगा है। चांदी की कीमतों (Silver Rates) में प्रति किलोग्राम 3,697 रुपये की भारी कमी दर्ज की गई, जिसके बाद चांदी का भाव 2,55,114 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। औद्योगिक मांग में कमी के संकेतों और वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं के लुढ़कने से चांदी में यह तेज गिरावट देखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट पिछले कई सत्रों के बाद पहली बार आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्पॉट गोल्ड का हाल
वैश्विक परिदृश्य की बात करें तो इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 0.6% की गिरावट आई और यह $4,469.04 प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। अमेरिकी डॉलर (Dollar Index) के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो गया, जिससे मांग में कमी आई। पिछले सत्र में 3% की बढ़त के बाद आज बाजार में सुधार (Correction) देखा जा रहा है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी बुलियन मार्केट पर दबाव डाला है।
बुलियन मार्केट पर पड़ रहा असर
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक मुख्य कारण जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता भी है। अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच ड्रग शिपमेंट और राजनेताओं पर प्रतिबंधों को लेकर बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, आमतौर पर तनाव के समय निवेशक सोने को सेफ-हेवन मानकर निवेश बढ़ाते हैं, लेकिन वर्तमान में डॉलर के बढ़ते दबदबे और मुनाफावसूली की होड़ ने इस बढ़त को रोक दिया है।
गिरावट के प्रमुख कारणों का विश्लेषण
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज की गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, मुनाफावसूली (Profit Booking), जहाँ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे भावों का फायदा उठाने के लिए निवेशकों ने अपनी होल्डिंग्स बेची। दूसरा, यूएस पेरोल डेटा (US Payroll Data) और फेड की ब्याज दर नीति को लेकर निवेशकों की चिंताएं। तीसरा, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की मजबूती, जिसने ब्याज न देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की तुलना में डॉलर और बॉन्ड यील्ड को अधिक आकर्षक बना दिया है।










