Gold Rate Today: देश में सोने की कीमतों में इस सप्ताह वीकली आधार पर कमी देखी गई है। 24 कैरेट गोल्ड की कीमत पिछले सात दिनों में 3980 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर गई है। इसी तरह, 22 कैरेट गोल्ड का भाव 3650 रुपये नीचे आया है। 8 फरवरी 2026 के अनुसार, राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 156,750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
Gold Rate Today: सोना और चांदी के भाव में गिरावट, जानिए नई कीमतें और ट्रेंड
प्रमुख शहरों में सोने का रेट
- दिल्ली: 22 कैरेट – 143,700 रुपये, 24 कैरेट – 156,750 रुपये
- मुंबई: 22 कैरेट – 143,550 रुपये, 24 कैरेट – 156,600 रुपये
- चेन्नई: 22 कैरेट – 143,550 रुपये, 24 कैरेट – 156,600 रुपये
- कोलकाता: 22 कैरेट – 143,550 रुपये, 24 कैरेट – 156,600 रुपये
- पुणे और बेंगलुरु: 22 कैरेट – 143,550 रुपये, 24 कैरेट – 156,600 रुपये
अन्य शहरों में भी कीमतें समान रेंज में बनी हुई हैं। अहमदाबाद और भोपाल में 24 कैरेट का भाव 156,650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोने की कीमत 156,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।
Gold Rate Today: सोने-चांदी के भाव में तेजी या गिरावट? जानें लेटेस्ट रेट
अंतरराष्ट्रीय बाजार और भविष्य का अनुमान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का हाजिर भाव 5087.73 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर है। निवेश और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि वर्ष के अंत तक सोने की कीमतें 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। इसकी वजह केंद्रीय बैंकों और निवेशकों की बढ़ती मांग मानी जा रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में सेंट्रल बैंकों की ओर से सोने की खरीद लगभग 800 टन हो सकती है।
चांदी की कीमत में भी गिरावट
सोने के साथ ही चांदी के दामों में भी वीकली आधार पर गिरावट देखी गई है। एक सप्ताह में चांदी का भाव 65,000 रुपये नीचे आया। 8 फरवरी को चांदी का रेट 285,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर रिकॉर्ड किया गया। 30 जनवरी को चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव 74 डॉलर प्रति औंस है।
Gold Rate Today: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, जानें लेटेस्ट रेट
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती हैं ये कीमतें
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट निवेशकों के लिए अलर्ट की तरह है। जो लोग वॉरेंट और ज्वैलरी में निवेश करते हैं, उनके लिए यह समय नए मौके की ओर इशारा करता है। वहीं केंद्रीय बैंकों और बड़े निवेशकों की खरीदारी के संकेत भविष्य में कीमतों के बढ़ने की संभावना जताते हैं।










