Gold Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में दोनों कीमती धातुओं ने बढ़त के साथ कारोबार किया। कॉमेक्स बाजार में सोने के वायदा भाव 4,319.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए, जिसमें 19.70 डॉलर यानी करीब 0.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन करते हुए शुरुआती कारोबार में 1.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 62.515 डॉलर प्रति औंस का स्तर छुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक आने वाले आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं, जिनका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
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अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट से तय होगी बाजार की दिशा
दुनियाभर के निवेशकों की नजर अब अमेरिका की नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति को दर्शाती है और इसके आधार पर अनुमान लगाया जाएगा कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला ले सकता है।
माना जा रहा है कि जुलाई की रोजगार रिपोर्ट से यह संकेत मिल सकते हैं कि सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाया जाएगा। अगर रोजगार के आंकड़े मजबूत रहते हैं तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ सकती है, जबकि कमजोर आंकड़े बाजार को राहत दे सकते हैं।
सोने को मिला कच्चे तेल की गिरती कीमतों का सहारा
सोना जनवरी के बाद अपनी सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने सोने को समर्थन दिया है। तेल की कम कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता कम होती है और इससे यह उम्मीद बनती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर नहीं रहेंगी।
आमतौर पर जब ब्याज दरों में कमी की उम्मीद बढ़ती है तो निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित होते हैं। हालांकि, बाजार में संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका के कारण सोने की तेजी सीमित रही।
फेड की नीति और ब्याज दरों पर बाजार की नजर
CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना लगभग 55 प्रतिशत मान रहा है। फेडरल रिजर्व अधिकारियों के हालिया बयानों ने भी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनाए रखी है।
सेंट लुइस फेड के अध्यक्ष अल्बर्टो मुसालेम ने संकेत दिया कि जुलाई की बैठक में दरों में वृद्धि पर विचार किया जाना चाहिए था। हालांकि, फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा, जबकि महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों का असर
हाल ही में जारी अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों से मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। पिछले सप्ताह शुरुआती बेरोजगारी दावों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई, लेकिन जुलाई में छंटनी की संख्या दो साल के निचले स्तर पर रही। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी रोजगार बाजार अभी भी काफी हद तक मजबूत बना हुआ है।
भूराजनीतिक घटनाओं पर भी बाजार की नजर
निवेशक वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी ध्यान दे रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर बाजार सतर्क है। किसी भी बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का असर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
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आगे कैसी रह सकती है कीमतों की चाल
आने वाले दिनों में अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट, वेतन वृद्धि और बेरोजगारी के आंकड़े सोने और चांदी की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे। मजबूत रोजगार आंकड़े ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद को बढ़ा सकते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक साबित हो सकते हैं। निवेशकों की नजर अब इन आर्थिक संकेतकों और फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर बनी हुई है।










