Gold Rate Today: भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार नरमी देखी जा रही है। 18 जुलाई को भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला बरकरार रहा। लगातार दूसरे दिन सोने के भाव गिरने से खरीदारों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन निवेशकों के मन में बाजार की अनिश्चितता को लेकर चिंता बनी हुई है।
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महानगरों में क्या है भाव?
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ 24 कैरेट सोने की कीमत फिसलकर 1,42,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,520 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई है, जिससे आभूषण खरीदारों के लिए निवेश का एक अच्छा अवसर बना है।
नीचे दी गई तालिका देश के प्रमुख शहरों में सोने की आज की कीमतों को दर्शाती है:
शहर 22 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम) 24 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)
दिल्ली 1,30,790 1,42,670
मुंबई 1,30,640 1,42,520
चेन्नई 1,30,990 1,42,900
कोलकाता 1,30,640 1,42,520
लखनऊ 1,30,790 1,42,670
कीमतें गिरने के पीछे के मुख्य कारण
सोने-चांदी की कीमतों में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारक सबसे प्रमुख हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा (तेल) की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई का संकट गहरा रहा है। इस स्थिति में अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है।
आर्थिक सिद्धांत के अनुसार, जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेश के बजाय अन्य उच्च-रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं। ब्याज दरों में वृद्धि सोने के लिए एक नकारात्मक कारक (Negative Factor) का काम करती है, जिसके चलते कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ रही है।
चांदी में भी मंदी का असर
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। 18 जुलाई को चांदी की कीमत 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण औद्योगिक मांग में कमी और आभूषण विक्रेताओं द्वारा कम खरीद माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बाजार में लगातार हो रही ‘प्रॉफिट-बुकिंग’ भी चांदी की कीमतों को नीचे धकेल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर की कीमत 55.37 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है।
कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक दबाव और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने फिलहाल कीमती धातुओं के बाजार को एक मंदी के चक्र में डाल दिया है। आने वाले समय में फेडरल रिजर्व के फैसलों और भू-राजनीतिक स्थितियों पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
अगली बार जब आप बाजार में निवेश करने की सोचें, तो इन वैश्विक संकेतों को ध्यान में रखना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। क्या आप सोने में निवेश के अन्य सुरक्षित विकल्पों के बारे में जानना चाहते हैं?
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