मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, ये 5 जरूरी हेल्थ टेस्ट हैं बेहद अहम

 मदर्स डे पर मां के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट उनकी अच्छी सेहत हो सकती है क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और फिजिकल बदलाव आते हैं. अक्सर हमारी मां घर की जिम्मेदारियों को छोड़ अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं लेकिन 40 और 50 की उम्र के बाद कुछ बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस मदर्स डे पर आप उन्हें हेल्थ चेकअप का तोहफा दे सकते हैं. समय पर कराए गए ये 5 जरूरी टेस्ट उन्हें भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं और उनकी लंबी उम्र सुनिश्चित कर सकते हैं.

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Published On :

मई 10, 2026

 मदर्स डे पर मां के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट उनकी अच्छी सेहत हो सकती है क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और फिजिकल बदलाव आते हैं. अक्सर हमारी मां घर की जिम्मेदारियों को छोड़ अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं लेकिन 40 और 50 की उम्र के बाद कुछ बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस मदर्स डे पर आप उन्हें हेल्थ चेकअप का तोहफा दे सकते हैं. समय पर कराए गए ये 5 जरूरी टेस्ट उन्हें भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं और उनकी लंबी उम्र सुनिश्चित कर सकते हैं.  

ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ चेकअप
बढ़ती उम्र में हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ जाता है. क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, महिलाओं को रेगुलर ब्लड प्रेशर चेकअप और हार्ट हेल्थ स्क्रीनिंग करानी चाहिए ताकि स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी स्थिति से बचा जा सके.

मैमोग्राम (ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग)
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. मोया क्लीनिक हेल्थकेयर की गाइडलाइंस कहती हैं कि 40 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को हर 1 से 3 साल में मैमोग्राम कराना चाहिए. यह टेस्ट शुरुआती स्टेज में ही गांठ का पता लगा लेता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है.

बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan)
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं. मेडिलाइन प्लस के मुताबिक, 65 साल की उम्र के बाद या मेनोपॉज के दौरान हड्डियों की मजबूती जांचने के लिए DEXA स्कैन बहुत जरूरी है ताकि फ्रैक्चर के खतरे को कम किया जा सके.

सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर टेस्ट
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पैप स्मीयर और HPV टेस्ट अनिवार्य हैं. सलाह है कि 30 से 65 साल की महिलाओं को हर 5 साल में HPV के साथ को-टेस्टिंग करानी चाहिए. यह टेस्ट कैंसर बनने से पहले ही सेल्स में होने वाले बदलावों को पकड़ लेता है.

लिपिड प्रोफाइल
खराब लाइफस्टाइल और उम्र के कारण टाइप-2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बना रहता है. हेल्थलाइन के अनुसार, 45 साल की उम्र के बाद हर 3 साल में ब्लड शुगर टेस्ट और हर 5 साल में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए ताकि शरीर में शुगर और फैट का लेवल कंट्रोल में रहे.

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