Ghaziabad Fire News : गाजियाबाद के एसी सर्विस सेंटर में भीषण अग्निकांड, धमाकों के बीच एक की मौत

गाजियाबाद के पटेल नगर में स्थित एक एसी सर्विस सेंटर में शनिवार तड़के 3 बजे भीषण आग लग गई। एसी गैस सिलेंडरों और कंप्रेसरों में हुए एक के बाद एक कई धमाकों ने इलाके में दहशत फैला दी। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई और 12 वाहन जल गए। क्या यह लापरवाही थी?

Ghaziabad Fire News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 9, 2026

Ghaziabad Fire News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक एयर कंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। पटेल नगर इलाके में स्थित इस सेंटर में लगी आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटों ने पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गई, वहीं करोड़ों की संपत्ति और कई वाहन जलकर खाक हो गए। आग के दौरान हुए गैस सिलेंडरों के धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा।

तड़के सुबह धमाकों से दहला पटेल नगर इलाका

हादसे की शुरुआत शनिवार तड़के हुई, जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे। सुबह करीब 3 बजकर 5 मिनट पर फायर विभाग को सूचना मिली कि पटेल नगर के प्लॉट नंबर एफ-87 में स्थित एसी सर्विस सेंटर में आग लग गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही देर बाद सर्विस सेंटर के भीतर रखे एसी गैस सिलेंडरों और कंप्रेसरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। इन विस्फोटों के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग धू-धू कर जलने लगी।

दमकल विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

आग की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में कोतवाली फायर स्टेशन से गाड़ियाँ तुरंत मौके पर भेजी गईं। जब टीम वहाँ पहुँची, तो पूरी तीन मंजिला इमारत आग के गोले में तब्दील हो चुकी थी। घनी आबादी वाला क्षेत्र होने के कारण आग के पड़ोसी मकानों में फैलने का बड़ा खतरा था। स्थिति को बेकाबू होते देख वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर फायर स्टेशनों से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को तलब किया गया। करीब आठ दमकल गाड़ियों और दर्जनों फायर फाइटर्स ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

मलबे में तब्दील हुई इमारत और वाहनों का नुकसान

इस भीषण अग्निकांड में संपत्ति का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। सर्विस सेंटर के मालिक ओंकार तोमर की इस बिल्डिंग में रखे सैकड़ों एसी और उपकरण जल गए। आग इतनी तेज थी कि बाहर खड़े वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। जानकारी के मुताबिक, दो कारें और लगभग दस मोटरसाइकिलें पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी हैं। आग बुझने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो पूरी बिल्डिंग के भीतर काला धुआं और मलबे के सिवा कुछ नहीं बचा था।

80 वर्षीय बुजुर्ग की जलने से दर्दनाक मौत

हादसे का सबसे दुखद पहलू एक बुजुर्ग की मौत रहा। सर्च ऑपरेशन के दौरान दमकल विभाग की टीम को भूतल (Ground Floor) पर एक शव मिला। मृतक की पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद धुएं और लपटों के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बुजुर्ग की मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

जांच के घेरे में आग लगने के कारण

फिलहाल गाजियाबाद पुलिस और फायर विभाग इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि आग लगने की असली वजह क्या थी। शुरुआती कयास शॉर्ट सर्किट के लगाए जा रहे हैं, लेकिन सर्विस सेंटर में भारी मात्रा में विस्फोटक गैस सिलेंडरों के भंडारण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इस घटना ने रिहायशी इलाकों में चल रहे कमर्शियल सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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