Ghatkopar News: शिंदे गुट के दो नेता आमने-सामने, घाटकोपर में मारपीट का मामला गरमाया

घाटकोपर में शिवसेना (शिंदे) के दो नेताओं—नगरसेवक सुरेश आवले और विधानसभा प्रमुख यशवंत मोरे—के बीच मारपीट हुई।

Ghatkopar News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 16, 2026

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Ghatkopar News: महाराष्ट्र की राजनीति और मुंबई के सियासी गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मुंबई के घाटकोपर (पूर्व) इलाके में सत्ताधारी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच बीच सड़क पर भयंकर झड़प और मारपीट हो गई। एक ही पार्टी के दो कद्दावर पदाधिकारियों के बीच हुई इस हाथापाई का पूरा वीडियो पास में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और विपक्ष को भी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है।

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सुरेश आवले और यशवंत मोरे के बीच तीखी बहस

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शिवसेना (शिंदे गुट) के स्थानीय कार्यालय के ठीक बाहर सड़क पर अंजाम दी गई।

कौन हैं ये नेता: इस हाई-प्रोफाइल विवाद में शामिल दोनों चेहरे पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी हैं। इनमें एक तरफ वार्ड क्रमांक 125 के नगरसेवक (Corporator) और विभाग प्रमुख सुरेश आवले हैं, तो दूसरी तरफ विधानसभा प्रमुख यशवंत मोरे शामिल हैं।

सीसीटीवी में कैद हुई लाइव मारपीट: वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि शुरुआत में दोनों नेताओं के बीच किसी बात को लेकर बेहद तीखी नोंकझोंक और जुबानी जंग शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं और एक-दूसरे पर हाथ छोड़ दिया। वीडियो में दोनों नेता एक-दूसरे के साथ बुरी तरह हाथापाई और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

कई दिनों से चल रही थी तनातनी

सूत्रों और स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरेश आवले और यशवंत मोरे के बीच यह विवाद अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी पटकथा पिछले कई दिनों से लिखी जा रही थी।

विवाद की असली वजह: बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कुछ स्थानीय पदाधिकारियों और संगठन के अधिकारियों की नियुक्ति (Appointments) की जानी थी। इसी आंतरिक तालमेल और नियुक्तियों के अधिकार को लेकर दोनों नेताओं के बीच पिछले कई दिनों से शीतयुद्ध और तनाव का माहौल चल रहा था।

बीच-बचाव में आए लोग: जब दोनों नेता सड़क पर एक-दूसरे से गुत्थमगुत्था हो रहे थे, तब वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के होश उड़ गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मारपीट शुरू होते ही आसपास खड़े लोग तुरंत दौड़कर दोनों के बीच आए। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गुटों और नेताओं को अलग किया और मामले को शांत कराया, अन्यथा यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता था।

पुलिस का बयान

पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दरवाजे तक भी पहुंच चुका है। हालांकि, पुलिस अभी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

स्थानीय पंत नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस पूरी घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए और स्थानीय स्तर पर इस मारपीट की पूरी जानकारी मिल चुकी है। पुलिस ने वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज का भी संज्ञान लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक दोनों में से किसी भी नेता या पक्ष की ओर से पुलिस थाने में आधिकारिक तौर पर कोई लिखित शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही किसी भी पक्ष की ओर से कोई फॉर्मल कंप्लेंट मिलती है, कानून के तहत मामले की जांच कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, एक ही गुट के दो बड़े नेताओं की यह सरेराह लड़ाई मुंबई की राजनीति में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है।

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