Germany Gurudwara Clash: जर्मनी के गुरुद्वारे में दो गुटों में हिंसक झड़प, 11 लोग घायल

जर्मनी के डुइसबर्ग में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव और फंड को लेकर सिखों के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में पिस्तौल, चाकू और कृपाण का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 11 लोग घायल हो गए हैं।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 21, 2026

Germany Gurudwara Clash: जर्मनी के मोर्स शहर (डुइसबर्ग इलाका) में एक गुरुद्वारे के भीतर सिखों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प की दुखद घटना सामने आई है। इस विवाद ने तब खूनी मोड़ ले लिया जब परिसर के भीतर ही कृपाण, चाकू और बंदूकों का इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो में धार्मिक स्थल की मर्यादा को तार-तार करते हुए लोगों को आपस में बुरी तरह लड़ते देखा जा सकता है। इस घटना ने जर्मनी में रहने वाले भारतीय समुदाय और स्थानीय प्रशासन को स्तब्ध कर दिया है।

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बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव और फंड

प्रारंभिक जांच और जर्मन मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे ‘बिल्ड’) के अनुसार, इस हिंसा के पीछे गुरुद्वारे के प्रबंधन पर कब्जे की मंशा छिपी थी। पुलिस का मानना है कि नए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव को लेकर पिछले कुछ समय से दो गुटों के बीच तनाव चल रहा था। विवाद का मुख्य केंद्र गुरुद्वारे का फंड और प्रबंधन है, जिस पर पूर्व और वर्तमान सदस्य अपना-अपना दावा पेश कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह केवल वैचारिक मतभेद नहीं था, बल्कि यह “वर्चस्व” की लड़ाई थी कि गुरुद्वारे के भीतर किसकी सत्ता चलेगी।

पूर्व-नियोजित हमला और अफरा-तफरी

घटना के समय गुरुद्वारे में मौजूद एक 56 वर्षीय सेवादार ने बताया कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित (Pre-planned) लग रहा था। सोमवार को जैसे ही सेवा शुरू होने वाली थी, हमलावरों ने अचानक विरोधियों पर पेपर स्प्रे छिड़क दिया ताकि उन्हें संभलने का मौका न मिले। इसके तुरंत बाद चाकू और कृपाणों से हमला शुरू हो गया।

हैरान करने वाली बात यह रही कि धार्मिक परिसर के अंदर गोली चलने की आवाज भी सुनी गई। चश्मदीदों के मुताबिक, हथियारबंद लोगों को देखकर संगत में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागने लगे।

पुलिस की कार्रवाई और घायलों की स्थिति

सूचना मिलते ही जर्मन पुलिस ने मोर्चा संभाला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस सामरिक इकाइयों (Special Police Units) को तैनात किया गया। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार इस झड़प में लगभग 40 लोग शामिल थे। कुल 11 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज मौके पर ही पैरामेडिक्स और आपातकालीन डॉक्टरों द्वारा किया गया। राहत की बात यह है कि किसी की जान को खतरा नहीं है। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।

जांचकर्ताओं को मौके से कारतूसों के खोखे बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस्तेमाल की गई पिस्तौल एक ‘ब्लैंक-फायरिंग’ (बिना गोली वाली) गन थी, हालांकि मुख्य हथियार की तलाश अभी भी जारी है।

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