George Kurian Resign: मोदी कैबिनेट से बाहर हुए जॉर्ज कुरियन, राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वीकार किया इस्तीफा

George Kurian Resign: मोदी कैबिनेट से जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति मुर्मु ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह फैसला सामने आया है। आखिर इसके पीछे क्या वजहें हैं और आगे क्या होगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

मोदी कैबिनेट से बाहर हुए जॉर्ज कुरियन

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 23, 2026

George Kurian Resign: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। वे अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री (MoS) के पद पर कार्यरत थे। उनका इस्तीफा मंगलवार को स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर किया। इसके साथ ही उनका केंद्रीय मंत्रिमंडल में कार्यकाल समाप्त हो गया।

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राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला

सूत्रों के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में पूरा हो गया था, जिसके बाद उन्हें मंत्रिपरिषद में बने रहने के लिए दोबारा नामित नहीं किया गया। इसी कारण उन्हें अपने मंत्री पद से हटना पड़ा। बताया जा रहा है कि उनका नाम पुनः राज्यसभा के लिए नहीं भेजा गया, जिससे उनका संसदीय और मंत्री पद का कार्यकाल समाप्त हो गया।

राजनीतिक सफर और संगठन में भूमिका

65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे पार्टी के शुरुआती दौर से ही सक्रिय सदस्य रहे हैं और 1980 में भाजपा के गठन के समय से संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। अगस्त 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री (MoS) के रूप में शामिल किया गया था। इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन विभाग की जिम्मेदारी संभाली।

केरल की राजनीति से जुड़ा मजबूत आधार

जॉर्ज कुरियन का संबंध केरल से है और वे राज्य की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उनका जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले के एट्टुमानूर क्षेत्र के नाम्बियाकुलम में हुआ था। पार्टी संगठन में लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें एक अनुभवी नेता के रूप में जाना जाता है। हालांकि, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और केरल में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर उनकी स्थिति प्रभावित हुई।

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राजनीतिक कारणों पर चर्चा

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा के अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के कारण उनकी दोबारा नामांकन प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।