नशे के विरुद्ध एकजुट होगी Gen Z, 20 सितंबर को चंडीगढ़ में गूंजेगी आवाज

चंडीगढ़. पंजाब के साथ-साथ अब हरियाणा और चंडीगढ़ में भी नशा एक चुनौती बन चुका है। युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने और समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 20 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 प्लाजा में “Gen Z Against Drugs” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि नशा आज केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह देश की युवा शक्ति और भविष्य के सामने गंभीर

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Published On :

अगस्त 30, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब के साथ-साथ अब हरियाणा और चंडीगढ़ में भी नशा एक चुनौती बन चुका है। युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने और समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 20 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 प्लाजा में “Gen Z Against Drugs” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में शहर के विभिन्न कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि नशा आज केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह देश की युवा शक्ति और भविष्य के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। नशे की गिरफ्त में आने वाला युवा अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। इसलिए अब समय आ गया है कि Gen Z स्वयं आगे आए और नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक अभियान का नेतृत्व करे। उन्होंने कहा कि Gen Z को अक्सर केवल सोशल मीडिया, ट्रेंड और विरोध-प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन 20 सितंबर का कार्यक्रम यह संदेश देगा कि नई पीढ़ी समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी गंभीरता से समझती है। हजारों युवा एक मंच से नशे के खिलाफ आवाज उठाकर यह संकल्प लेंगे कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहेंगे और दूसरे युवाओं को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।

संजीव राणा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल युवाओं का नहीं, बल्कि हर उस माता-पिता और परिवार का कार्यक्रम है जो अपने बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त देखना चाहता है। उन्होंने अभिभावकों से भी कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें, गलत संगत और नशे से दूर रहें, तो उन्हें भी इस अभियान में आगे आना होगा। बच्चों को नशे से बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार, पुलिस या शिक्षण संस्थानों की नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

संजीव राणा ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। इस शक्ति को नशे की गिरफ्त में नहीं जाने दिया जा सकता। आओ, हम सब मिलकर अपने बच्चों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए आगे आएं। जागरूक और संगठित युवा ही नशे के खिलाफ सबसे मजबूत दीवार बन सकते हैं। 20 सितंबर को सेक्टर-17 प्लाजा से “नशे को ना, जिंदगी को हां” के संदेश के साथ नशामुक्त युवा और मजबूत भारत का संकल्प लिया जाएगा।

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