Gen Z Protest: नेताजी की विरासत को युवाओं से जोड़ेंगे चंद्र कुमार बोस, ‘आजाद हिंद पार्टी’ का किया ऐलान

Gen Z Protest: जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन से प्रभावित चंद्र कुमार बोस ने ‘आजाद हिंद पार्टी’ बनाने का ऐलान किया, नेताजी की विचारधारा को आधार बनाकर युवाओं को नया राजनीतिक मंच देने की बात कही, अब सवाल है कि क्या यह नई पार्टी देश की सियासत में अपनी मजबूत पहचान बना पाएगी और युवाओं का समर्थन हासिल कर पाएगी

नेताजी की विरासत को युवाओं से जोड़ेंगे चंद्र कुमार बोस

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 12, 2026

Gen Z Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक को लेकर हुए युवाओं के प्रदर्शन का असर अब राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजर आने लगा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने प्रस्तावित दल का नाम ‘आजाद हिंद पार्टी’ रखने की बात कही है।

चंद्र कुमार बोस के अनुसार, नई पार्टी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा और उनके सिद्धांतों को आधार बनाकर काम करेगी। उनका कहना है कि देश का युवा अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर पहले से ज्यादा मुखर हो रहा है और उसे एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच की जरूरत महसूस हो रही है।

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जंतर-मंतर प्रदर्शन को बताया बदलाव का संकेत

चंद्र कुमार बोस ने हाल में जंतर-मंतर पर हुए Gen Z प्रदर्शन को युवाओं में बढ़ते असंतोष और बदलाव की इच्छा का संकेत बताया। उनके मुताबिक, आजादी के लगभग आठ दशक बाद भी युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और उद्योग सहित कई क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताई। उनका दावा है कि इन समस्याओं के कारण आम लोगों और खासकर युवाओं का मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से भरोसा कमजोर हुआ है।

बोस का कहना है कि व्यवस्था से नाराजगी किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में युवा बदलाव की तलाश में हैं और उन्हें अपनी बात मजबूती से रखने के लिए एक नए राजनीतिक विकल्प की जरूरत है।

नेताजी की विचारधारा होगी पार्टी की बुनियाद

प्रस्तावित ‘आजाद हिंद पार्टी’ की पहचान नेताजी सुभाष चंद्र बोस की समावेशी और धर्मनिरपेक्ष सोच पर आधारित होने की बात कही गई है। चंद्र कुमार बोस का कहना है कि पार्टी युवाओं को ऐसा मंच देने की कोशिश करेगी, जहां वे अपने अधिकारों और मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठा सकें।

उन्होंने नेताजी की आजाद हिंद फौज का उदाहरण देते हुए कहा कि युवाओं को अधिकारों के लिए संघर्ष करना है तो नेताजी की विचारधारा से प्रेरित मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी सोच के चलते पार्टी के नाम में ‘आजाद हिंद’ शब्द को शामिल किया गया है।

BJP से TMC तक रहा राजनीतिक सफर

चंद्र कुमार बोस का राजनीतिक सफर भी कई बदलावों से गुजरा है। वह 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और करीब सात साल तक पार्टी से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने बीजेपी छोड़ दी। बोस ने दावा किया था कि पार्टी में शामिल होते समय नेताजी की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए ‘आजाद हिंद मोर्चा’ बनाने का वादा किया गया था। बाद में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के अपने फैसले को गलती भी बताया था। इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का रुख किया, लेकिन हाल में TMC से भी इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का निर्णय लिया है।

NEET विवाद से जुड़ा आंदोलन

इस राजनीतिक घटनाक्रम को NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद से जुड़े युवा आंदोलन से भी जोड़ा जा रहा है। जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जून के अंत में शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई शामिल थी। अब चंद्र कुमार बोस ने इस आंदोलन को युवाओं की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत बताते हुए नए राजनीतिक विकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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क्या युवाओं को पसंद आएगा नया विकल्प?

‘आजाद हिंद पार्टी’ के ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह नया राजनीतिक मंच युवाओं के बीच अपनी जगह बना पाएगा। फिलहाल पार्टी के औपचारिक लॉन्च, संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, चंद्र कुमार बोस का मुख्यधारा की पार्टियों से अलग राजनीतिक रास्ता चुनना उनके सफर में एक नया अध्याय जरूर माना जा रहा है।