Gaza Israel War 2026: फिलिस्तीनी क्षेत्र गाजा एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। हालिया इजरायली सैन्य हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में एक 13 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। इस हमले ने क्षेत्र में पहले से नाजुक हालात को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है और अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
ट्रंप की मध्यस्थता में हुआ सीज़फायर ज्यादा दिन नहीं चला
कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की देखरेख में इजरायल और हमास के बीच सीज़फायर का ऐलान किया गया था। यह संघर्षविराम ट्रंप द्वारा पेश की गई 20-सूत्रीय योजना के तहत हुआ था, जिसका उद्देश्य गाजा और आसपास के इलाकों में शांति बहाल करना था। हालांकि यह सीज़फायर ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और ताजा हमले के साथ ही इसके टूटने की पुष्टि हो गई।
इजरायल का दावा: हमास की मिसाइल कोशिश के बाद जवाबी कार्रवाई
इजरायली सरकार का कहना है कि गाजा से हमास द्वारा मिसाइल हमला करने की कोशिश की गई थी, जो नाकाम रही। इजरायल के अनुसार, इसी प्रयास के जवाब में उसकी सेना ने गाजा पर कार्रवाई की। हालांकि इस दावे को लेकर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी पक्ष का कहना है कि आम नागरिकों को निशाना बनाया गया और हमले में निर्दोष लोगों की जान गई।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ की घोषणा से पहले बढ़ा तनाव
इन घटनाओं के बीच अमेरिका में यह चर्चा भी तेज है कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले सप्ताह गाजा शांति समझौते के तहत प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के सदस्यों के नामों का ऐलान कर सकते हैं। इस सलाहकार समिति का उद्देश्य पश्चिम एशिया, विशेष रूप से इजरायल और गाजा क्षेत्र में स्थायी शांति के उपायों पर विचार करना है। लेकिन उससे पहले हुआ यह हमला शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर रहा है।
यरुशलम में नई बस्तियों की योजना ने बढ़ाई चिंता
सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ इजरायल के एक और फैसले ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इजरायली सरकार ने यरुशलम में नई बस्तियां बसाने की योजना पर आगे बढ़ने का संकेत दिया है। यह योजना ‘ग्रेटर यरुशलम’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसके लागू होने पर कब्जे वाले मा’ले अदुमिम और ईस्ट यरुशलम आपस में भौगोलिक रूप से जुड़ जाएंगे।
वेस्ट बैंक के दो हिस्सों में बंटने का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना पूरी तरह लागू होती है, तो वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी इलाका व्यावहारिक रूप से दो हिस्सों में बंट जाएगा। इससे फिलिस्तीनी बस्तियों की निरंतरता टूट जाएगी और भविष्य में स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की संभावना और कमजोर हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले ही इस योजना पर चिंता जता चुका है।
कट्टरपंथी नेताओं का खुला समर्थन
इजरायल के वित्त मंत्री और दक्षिणपंथी नेता बेज़लेल स्मोट्रिच लंबे समय से इस परियोजना के समर्थक रहे हैं। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि यह योजना लागू होती है, तो फिलिस्तीनी राज्य बनने की कोई संभावना नहीं बचेगी। इजरायली सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद से क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
शांति प्रक्रिया पर मंडराते सवाल
गाजा पर ताजा हमले, सीज़फायर का टूटना और वेस्ट बैंक में नई बस्तियों की योजना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में शांति की राह बेहद कठिन बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद हालात बार-बार हिंसा की ओर लौटते दिख रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।










