Katra News: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर शनिवार को अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित मां वैष्णो देवी के पावन दरबार पहुंचे। गौतम गंभीर के आगमन की सूचना मिलते ही भवन और कटरा के आधार शिविर में उनके प्रशंसकों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। अपनी धार्मिक आस्था के लिए मशहूर गंभीर ने इस दौरान न केवल माता रानी की पूजा-अर्चना की, बल्कि वहां तैनात सुरक्षा बलों और आम श्रद्धालुओं के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की और तस्वीरें भी खिंचवाईं। उन्होंने इस यात्रा के दौरान देश की सुख-समृद्धि और भारतीय क्रिकेट टीम की निरंतर तरक्की के लिए माता रानी से विशेष मंगलकामना की।
भक्ति के रंग में रंगा गंभीर परिवार
बताते चले कि, गौतम गंभीर का झुकाव हमेशा से अध्यात्म और सनातन परंपराओं की ओर रहा है। वे अक्सर देश के विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों और सिद्ध पीठों के दर्शन के लिए समय निकालते रहते हैं। वैष्णो देवी की इस यात्रा के दौरान गंभीर के साथ उनका परिवार भी पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। कोच बनने की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी के बीच यह यात्रा उनके लिए मानसिक शांति और नई ऊर्जा का स्रोत मानी जा रही है। गंभीर ने इस दौरान कटरा के सुंदर वातावरण का आनंद लिया और माता की शक्तिपीठ में अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
दिल्ली से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय स्तर का सफर
आपको बता दे कि, गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और जुझारू बल्लेबाजों में गिना जाता है। 14 अक्टूबर 1981 को नई दिल्ली में जन्मे गंभीर ने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत कर अपनी पहचान बनाई थी। बाएं हाथ के इस महान ओपनर ने बहुत कम समय में अपनी तकनीक और दृढ़ संकल्प के दम पर टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली। वे अपनी प्रतिभा और निडर बल्लेबाजी के कारण बहुत जल्द भारतीय टीम की रीढ़ की हड्डी बन गए और कई महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं में टीम को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बाहर निकाला।
विश्व कप फाइनल के महानायक
गौतम गंभीर का नाम क्रिकेट जगत में ‘बड़े मैचों के खिलाड़ी’ के रूप में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने साल 2007 के टी20 विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रनों की यादगार पारी खेलकर टीम को विश्व विजेता बनाया था। इसके बाद साल 2011 के वनडे विश्व कप के फाइनल में जब टीम इंडिया संकट में थी, तब गंभीर ने 97 रनों की संयमित और साहसी पारी खेलकर 28 साल बाद भारत का विश्व कप जीतने का सपना साकार किया। करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में उनकी इन पारियों के लिए एक विशेष स्थान है।
आईपीएल में कप्तानी का लोहा और रिकॉर्ड्स की झड़ी
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा आईपीएल में भी गौतम गंभीर का दबदबा रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान के तौर पर उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया और साल 2012 तथा 2014 में टीम को आईपीएल खिताब जिताया। गंभीर के नाम कई अद्भुत रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें लगातार 5 टेस्ट मैचों में शतक बनाना और लगातार 4 टेस्ट सीरीज में 300 से अधिक रन बनाना शामिल है। वे दुनिया के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में से एक हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता की नई परिभाषा लिखी।
क्रिकेट से राजनीति और कोच की भूमिका तक
दिसंबर 2018 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने के बाद गंभीर ने समाज सेवा और राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा। वे मार्च 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और सांसद के रूप में जनता की सेवा की। खेल और समाज में उनके अद्वितीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2008 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ और 2019 में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से नवाजा। वर्तमान में, वे भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में देश की नई पीढ़ी को जीत का मंत्र सिखा रहे हैं।










