Assam Election Result 2026 : जोरहाट में गौरव गोगोई की हार, भाजपा के गोस्वामी ने चटाई धूल

असम विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे चर्चित मुकाबले में जोरहाट सीट पर कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे गौरव गोगोई को हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा के अनुभवी नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें मात्र 23 वोटों के अविश्वसनीय अंतर से शिकस्त देकर कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

Assam Election Result 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 4, 2026

Assam Election Result 2026 : असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा को एक नया मोड़ दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने न केवल सत्ता में वापसी की है, बल्कि एक ऐसी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है जिसने विपक्षी खेमे को पूरी तरह से पस्त कर दिया है। सबसे चौंकाने वाला परिणाम जोरहाट सीट से आया है, जहाँ असम कांग्रेस के कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गोगोई को एक बड़े अंतर से हराकर कांग्रेस के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

जोरहाट में गौरव गोगोई का किला ध्वस्त: हितेंद्र नाथ की बड़ी जीत

असम की सबसे चर्चित सीटों में से एक जोरहाट में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा था, लेकिन नतीजों ने सबको हैरान कर दिया। बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को 23,182 वोटों के भारी अंतर से पटखनी दी। आंकड़ों के मुताबिक, गौरव गोगोई को कुल 46,257 वोट मिले, जबकि हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 69,439 वोट हासिल कर अपनी लोकप्रियता साबित की। अपनी हार को देखते हुए गोगोई ने प्रशासनिक लापरवाही और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह हार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि कांग्रेस की रणनीति की विफलता है।

कांग्रेस के लिए बड़ा झटका: क्या कमजोर होगा गोगोई का नेतृत्व?

गौरव गोगोई केवल एक उम्मीदवार नहीं थे, बल्कि असम में कांग्रेस का चेहरा थे। पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी इसी उम्मीद में सौंपी थी कि वे अपने पिता स्वर्गीय तरुण गोगोई की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाएंगे। अपनी ही सीट बचाने में नाकाम रहने के बाद अब उनके नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। जोरहाट की हार ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक खिसक चुका है। यह हार इसलिए भी अधिक दर्दनाक है क्योंकि गोगोई पर पूरे राज्य में प्रचार करने और पार्टी को एकजुट रखने का जिम्मा था, लेकिन वे अपने ही दुर्ग की रक्षा नहीं कर सके।

असम में बीजेपी की प्रचंड सुनामी: 97 सीटों पर भारी बढ़त

बीजेपी के लिए यह चुनाव किसी उत्सव से कम नहीं रहा। शुरुआती रुझानों से ही पार्टी ने जो बढ़त बनाई, वह अंत तक बरकरार रही। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी 126 सदस्यीय विधानसभा में 97 सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। यह पहली बार है जब असम में किसी पार्टी को इतनी बड़ी और एकतरफा जीत मिल रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में ‘विकास और सुरक्षा’ के नैरेटिव ने जनता के बीच गहरा असर किया है। यह जीत न केवल तीसरी बार सरकार बनाने का जनादेश है, बल्कि राज्य की राजनीति में बीजेपी के निर्विवाद वर्चस्व की पुष्टि भी है।

गुवाहाटी में उत्सव का माहौल: ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न

जैसे-जैसे रुझान नतीजों में बदलने लगे, गुवाहाटी स्थित बीजेपी मुख्यालय में जश्न का माहौल गरमा गया। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकने लगे। ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर जीत की बधाई दी। बीजेपी ऑफिस के बाहर का नजारा यह बताने के लिए काफी था कि जनता ने केंद्र और राज्य सरकार की डबल इंजन वाली नीति पर अपनी मुहर लगा दी है।

असम की राजनीति में भविष्य की चुनौतियां और अवसर

इस ऐतिहासिक जीत के बाद असम की राजनीति अब एक नए युग में प्रवेश कर रही है। कांग्रेस के लिए अब अस्तित्व बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। गौरव गोगोई की हार के बाद पार्टी के भीतर कलह और नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठ सकती है। दूसरी ओर, बीजेपी के लिए यह जीत जिम्मेदारियों का नया पहाड़ लेकर आई है। 97 सीटों की प्रचंड जीत का मतलब है कि जनता की अपेक्षाएं अब आसमान पर हैं। आने वाले वर्षों में घुसपैठ, विकास और सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार के कदम ही यह तय करेंगे कि यह वर्चस्व कितने समय तक बरकरार रहता है। फिलहाल, असम पूरी तरह से ‘भगवा’ रंग में रंगा नजर आ रहा है।

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