Ganga Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश को एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वे राज्य के सबसे लंबे और महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह कार्यक्रम हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र में आयोजित किया गया है, जहां सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक जाता है। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी हिस्से से जोड़ता है। इस परियोजना से प्रदेश के 12 जिलों और 500 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, 12 औद्योगिक क्लस्टरों के विकास से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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औद्योगिक विकास और रोजगार का बड़ा केंद्र
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इससे कृषि, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में “संजीवनी” साबित होगी। स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
हरदोई, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और रायबरेली जैसे जिलों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है और औद्योगिक विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह एक्सप्रेसवे करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।
आधुनिक तकनीक और रणनीतिक महत्व
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास विशेषता शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है। यह देश की पहली ऐसी सुविधा है, जहां आवश्यकता पड़ने पर लड़ाकू विमान भी उतर सकते हैं। यह इसे रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण बनाता है।
भव्य लोकार्पण कार्यक्रम और बड़ी तैयारियां
लोकार्पण समारोह को भव्य रूप देने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और कई केंद्रीय एवं राज्य मंत्री शामिल होंगे। अनुमान है कि इस ऐतिहासिक मौके पर करीब डेढ़ लाख लोग उपस्थित रहेंगे।
भविष्य की योजनाएं और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार 2029 तक राज्य में लगभग 3200 किलोमीटर एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 1910 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार है, जो जल्द ही 1973 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।
राज्य में यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पहले से ही संचालित हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद उत्तर प्रदेश देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखेगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।









