दिल्ली में अब बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा फ्यूल

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदुषण बड़ी समस्या बन चुकी है। सालों से इस समस्या पर काम किया जा रहा है, लेकिन अभी तक बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई है। दरअसल, अब सरकार ने इसे लेकर एक सख्त कदम उठाया है। दरअसल, गाड़ियों से जुड़ा एक नया सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें दिल्ली के अंदर फ्यूल पंप केवल उन्हीं गाड़ियों को फ्यूल देंगे, जिनके पास वैलिड PUC सर्टिफिकेट होगा जरूरी होगा। जिन गाड़ियों के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें न केवल पेट्रोल, डीजल या CNG देने से मना कर दिया जाएगा, बल्कि उन पर भारी जुर्माना भी

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 28, 2026

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देश की राजधानी दिल्ली में प्रदुषण बड़ी समस्या बन चुकी है। सालों से इस समस्या पर काम किया जा रहा है, लेकिन अभी तक बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई है। दरअसल, अब सरकार ने इसे लेकर एक सख्त कदम उठाया है। दरअसल, गाड़ियों से जुड़ा एक नया सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें दिल्ली के अंदर फ्यूल पंप केवल उन्हीं गाड़ियों को फ्यूल देंगे, जिनके पास वैलिड PUC सर्टिफिकेट होगा जरूरी होगा। जिन गाड़ियों के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें न केवल पेट्रोल, डीजल या CNG देने से मना कर दिया जाएगा, बल्कि उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

अब किसी भी तरह के फ्यूल के लिए वैध PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी है। इस नए कदम को प्रदूषण-रोधी एक स्थायी पहल बना दिया गया है। इसका मतलब है कि ये जांचे पूरे साल चलती रहेंगी। अगर आपका PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो इससे आपको देरी का सामना करना पड़ सकता है या फिर आपके इंश्योरेंस क्लेम को भी खारिज किया जा सकता है। कई इंश्योरेंस कंपनियां प्रदूषण उत्सर्जन के नियमों का पालन करने की उम्मीद करती हैं। इसके बिना क्लेम मिलने में देरी हो या फिर क्लेम को पूरी तरह से खारिज भी किया जा सकता है।

परिवहन विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस जैसी एजेंसियां इन नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आपकी गाड़ी के पास वैलिड PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट नहीं है और आप उसे लेकर पास के पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो इसके नतीजे आम जुर्माने से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। 'सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989' के तहत, अधिकारी मौके पर ही चालान काट देंगे। यह काम या तो कोई ट्रैफिक पुलिस अधिकारी कर सकता है या फिर किसी ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए किया जा सकता है। जुर्माने की रकम 10,000 रुपए या उससे ज्यादा होने की उम्मीद है।

ऐसे बनवाएं PUC सर्टिफिकेट
PUC सर्टिफिकेट की मदद से ये पता चलता है कि आपकी गाड़ी कितना पॉल्युशन कर रही है। दिल्ली-NCR में आपके पास ये सर्टिफिकेट होना बहुत जरूरी है, क्योंकि पॉल्युशन को कंट्रोल करने के लिए ट्रैफिक पुलिस उन गाड़ियों पर कड़ी निगरानी रखती है जो पॉल्युशन फैलाती हैं। PUC सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाता है जब PUC सेंटर पर चेकिंग के दौरान गाड़ी तय सीमा के दायरे में पाई जाए। अगर आपकी गाड़ी प्रदूषण करती है, तो गाड़ी की रिपेयरिंग या ट्यूनिंग कराने के लिए कहा जाता है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने दिल्‍ली के कई पेट्रोल पंप और वर्कशॉप पर पॉल्युशन चेकिंग सेंटर की लिस्ट जारी की है। लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें।

PUC सर्टिफिकेट को लेकर कानून
एक समय के बाद कार का PUC सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य हो जाता है। यदि आपके पास PUC सर्टिफिकेट नहीं है, या फिर एक्सपायर हो चुका है तो मोटर वीइकल्‍स एक्ट, 1988 की धारा 190(2) के तहत चालान काटा जाता है। इसमें 10,000 रुपए का जुर्माना या 6 महीने की जेल या फिर दोनों हो सकते हैं। इतना ही नहीं, ट्रांसपोर्ट विभाग अपनी तरफ से PUC सर्टिफिकेट ना होने पर गाड़ी के ओनर का लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड भी कर सकता है। यदि PUC सर्टिफिकेट होने के बाद भी गाड़ी पॉल्युशन ज्यादा कर रही है, तब 7 दिन के अंदर नया PUC सर्टिफिकेट लेना होगा।

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