‘केरल’ से ‘केरलम’ तक: नाम बदलने की मांग पर राजीव चंद्रशेखर का पीएम मोदी को पत्र

तिरुवनंतपुरम भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य का आधिकारिक नाम 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 'केरलम' नाम मलयालम भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। राजीव चंद्रशेखर ने पत्र में यह भी बताया कि जून 2024 में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें राज्य के नाम को आधिकारिक दस्तावेजों में 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने की मांग की गई है। चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन

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Published On :

जनवरी 13, 2026

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तिरुवनंतपुरम
भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य का आधिकारिक नाम 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 'केरलम' नाम मलयालम भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। राजीव चंद्रशेखर ने पत्र में यह भी बताया कि जून 2024 में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें राज्य के नाम को आधिकारिक दस्तावेजों में 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने की मांग की गई है। चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भी पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से इस महान राज्य को, जो अपनी समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है, 'केरलम' के रूप में ही देखती आई है। पार्टी की विचारधारा पारंपरिक, भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सम्मान पर आधारित है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में राजीव चंद्रशेखर ने उम्मीद जताई कि राज्य का नाम बदलने के बाद सभी राजनीतिक दल मिलकर केरलम की हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत को संजोने और पुनर्जीवित करने के लिए काम करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से एक विकसित और सुरक्षित केरलम का निर्माण संभव होगा, जहां सभी मलयाली (चाहे वे किसी भी धर्म से हों) अपनी आस्था और परंपराओं को लेकर सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें। राजीव चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि राज्य का नाम 'केरलम' रखने से उन कट्टरपंथी तत्वों के प्रयासों को कमजोर किया जा सकेगा, जो धर्म के आधार पर राज्य को बांटने और अलग-अलग जिले बनाने की मांग करते रहते हैं। उनके अनुसार, अपनी ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा केरलम, समाज को जोड़ने का काम करेगा।

पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि मलयालम भाषा में निहित और विशिष्ट नाम 'केरलम' को ही राज्य का आधिकारिक नाम सुनिश्चित किया जाए। राजीव चंद्रशेखर ने विश्वास जताया कि अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ा 'केरलम' भविष्य में सभी मलयालियों के लिए एक उज्ज्वल, समृद्ध और सुरक्षित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

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