रोहिणी के बाद गौरी बनी मिसाल, Ex IPS की पत्नी ने पिता को दिया जीवनदान

पटना. बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले और पूर्व आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे (Ex IPS Shivdeep Lande) ने सोमवार (30 मार्च) को अपनी पत्नी गौरी के लिए फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखा है। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी पत्नी ने अपने पिता को नया जीवन देने के लिए किडनी दान करने का संकल्प लिया। शिवदीप लांड (Shivdeep Lande Wife Name) ने फेसबुक पर लिखा कि गौरी, जीवन में बहुत सी कठिनाइयां आईं, विपत्तियों ने घेरा और बहुत विपरीत परिस्थितियां भी मुझे कभी विचलित नहीं कर पाई, मैं सदैव अटल रहा, लेकिन तुम्हारे एक निर्णय, सिर्फ एक निर्णय ने मुझे

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Published On :

अप्रैल 1, 2026

पटना.

बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले और पूर्व आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे (Ex IPS Shivdeep Lande) ने सोमवार (30 मार्च) को अपनी पत्नी गौरी के लिए फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखा है। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी पत्नी ने अपने पिता को नया जीवन देने के लिए किडनी दान करने का संकल्प लिया।

शिवदीप लांड (Shivdeep Lande Wife Name) ने फेसबुक पर लिखा कि गौरी, जीवन में बहुत सी कठिनाइयां आईं, विपत्तियों ने घेरा और बहुत विपरीत परिस्थितियां भी मुझे कभी विचलित नहीं कर पाई, मैं सदैव अटल रहा, लेकिन तुम्हारे एक निर्णय, सिर्फ एक निर्णय ने मुझे झकझोर कर रख दिया। अपने पिता को नया जीवन देने के लिए जब तुमने अपनी किडनी दान करने का निर्णय/संकल्प लिया।

'सुब कुछ तुमने अकेले संभाला…'
उन्होंने आगे लिखा कि तुम्हारा अपने पिता के प्रति निःस्वार्थ समर्पण, त्याग एवं जिद के आगे मैं नतमस्तक हूं। पिछले तीन महीनों में ऑपरेशन के लिए जरूरी दर्जनों मेडिकल टेस्ट, हजारों कागजों की भूलभुलैया, कानूनी जंजीरें, सब कुछ तुमने अकेले संभाला। मैं? बस मूक दर्शक बन तुम्हें निहारता रहा, और बस ये सोचता रहा कि भगवान बेटी को इंसान के जीवन में क्यों भेजता है? बकौल शिवदीप लांडे, शायद आज इस प्रश्न का उत्तर मुझे मिल गया वह यह कि शायद मां का साथ इंसान के जीवन में एक पड़ाव तक ही रहता है और पूरी उम्र उस मां की कमी को ईश्वर एक बेटी के रूप में पूरा करता है। पूरी उम्र।

उन्होंने आगे लिखा–
""आज मुंबई के उस आईसीयू में… किडनी ट्रांसप्लांट के बाद… जब मैं तुम्हारे पास बैठा तुम्हारे मासूम चेहरे को देख रहा हूं तो आंखों से बहता पानी… रुकने का नाम ही नहीं लेता। क्यों? क्यों नहीं रुकते ये आंसू? आज समझ आया। रिश्तेदारों में भाई छोड़ दे, बेटा पीठ दिखा दे, बहन मुड़ जाए, यहां तक कि पत्नी भी… जीवन-मृत्यु के इस युद्धक्षेत्र में साथ छोड़ दे, लेकिन बेटी? वो निस्वार्थ खड़ी रहती है। अपना जीवन दांव पर लगाकर भी। तुम्हारी आंखें बंद हैं, गौरी… लेकिन तुम्हारा प्यार तुम्हारा त्याग हर पिता को सिखाता है कि बेटी ईश्वर का दिया हुआ सबसे बड़ा आशीर्वाद है।""

रोहिणी ने भी डोनेट की थी अपनी किडनी
बता दें कि रोहिणी आचार्य भी अपने पिता लालू यादव के लिए किडनी दान चुकी हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार से अलग ही रहती हैं। बिहार चुनाव के बाद रोहिणी और उनके परिवार के बीच खटास पैदा हो गई थी।

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