घोषणापत्र में 31 बड़े वादे

भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कुल 31 अहम वादों का जिक्र किया है। इनमें सबसे प्रमुख समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने का वादा है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून से बाहर रखा जाएगा।
इसके अलावा पार्टी ने ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सामाजिक संतुलन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
महिलाओं के लिए खास योजनाएं
भाजपा के घोषणापत्र में महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया गया है। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत राज्य की 40 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक महिला को 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है।
इसके साथ ही ‘अरुणोदय’ योजना में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। वर्तमान में मिलने वाली 1250 रुपये की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये करने की योजना है, जिससे महिलाओं को अधिक आर्थिक सहयोग मिल सके।
रोजगार और शिक्षा पर जोर
घोषणापत्र में युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने का भी वादा किया गया है। भाजपा ने अगले पांच वर्षों में 2 लाख नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया है। यह कदम राज्य में बेरोजगारी कम करने और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े बदलाव का वादा किया गया है। पार्टी ने “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक यूनिवर्सिटी और एक इंजीनियरिंग कॉलेज” की योजना पेश की है, जिससे हर जिले में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बाढ़ नियंत्रण और विकास पर फोकस
असम में हर साल आने वाली बाढ़ एक बड़ी समस्या रही है। इसे ध्यान में रखते हुए भाजपा ने राज्य को बाढ़-मुक्त बनाने का वादा किया है। इसके लिए पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि सरकार असम को आत्मनिर्भर राज्य बनाना चाहती है, जो देश के विकास में सक्रिय योगदान दे सके। उनका लक्ष्य है कि असम केवल सहायता पर निर्भर न रहे, बल्कि अपने संसाधनों के बल पर आगे बढ़े।
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