भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. राजधानी भोपाल में रविवार रात से सोमवार सुबह तक लगातार बारिश होती रही. कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं वीआईपी रोड पर पेड़ गिरने से यातायात थम गया. इसके साथ भोपाल से लगे ग्रामीण इलाकों में भी पुल-पुलिया उफान पर होने से शहर से संपर्क कट गया. बारिश को देखते हुए भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित कर दी गई. वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार आज राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में 8 इंच तक बारिश की चेतावनी है। मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। जिले में पिछले 24 घंटे में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है।
भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद
भोपाल कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 10 अगस्त 2026 को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। आदेश के मुताबिक नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी।
अवकाश का आदेश सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इसके दायरे में एमपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध विद्यालय भी शामिल हैं। हालांकि आदेश जारी होने से पहले कई विद्यार्थी स्कूल पहुंच चुके थे। बाद में छुट्टी की जानकारी मिलने पर उन्हें घर वापस लौटना पड़ा।
भोपाल में रातभर बरसे बादल, सड़कें बनीं तालाब
राजधानी भोपाल में रविवार रात करीब 9 बजे शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही. कभी तेज तो कभी हल्की बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया. रायसेन रोड स्थित पटेल नगर, वसुंधरा कालोनी, शिवनगर, खजूरी कलां और अपोलो अस्पताल के आसपास पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बैरागढ़ की साईं बाबा रेसीडेंसी में भी पानी की निकासी नहीं होने से पूरी कालोनी जलमग्न हो गई।
भोपाल समेत कई जिलों में रविवार रात से तेज बारिश हो रही है। राजधानी की कई कॉलोनियों और अपोलो हॉस्पिटल के आसपास भी जलभराव की स्थिति है। सुबह बीच सड़क पर पेड़ गिरने से VIP रोड पर जाम लग गया। बारिश को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने भोपाल में स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, आदेश जारी होने से पहले कई बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे, जिन्हें वापस लौटना पड़ा।
सीहोर जिले में 5 घंटे में 8.3 इंच बारिश हुई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई रास्ते बंद हो गए हैं। श्यामपुर, चरनाल, झरखेड़ा और छतरी में मकानों में पानी भर गया, जबकि छापरी में दो मकानों के मामूली रूप से गिरने की सूचना है। रायसेन का रामलीला मैदान जलमग्न हो गया है। विदिशा में भी सड़कों पर पानी भर रहा है।
शाजापुर में सावन के दूसरे सोमवार को 6 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज हुई। शुजालपुर में तड़के 3 बजे से तेज बारिश के बाद किसानों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। शिवपुरी के कोलारस में करीब दो घंटे झमाझम बारिश हुई, वहीं हरदा में रविवार शाम से बारिश जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वीआईपी रोड पर पेड़ गिरा, लगा लंबा जाम
सोमवार सुबह खानूगांव चौराहे के पास वीआईपी रोड पर एक बड़ा पेड़ बीच सड़क पर गिर गया. पेड़ गिरने से दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ. लगातार बारिश के बीच शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए भोपाल जिले में नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया. यह आदेश सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों पर लागू है. हालांकि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को स्कूल पहुंचना होगा. हालांकि आदेश जारी होने से पहले कुछ बच्चे स्कूल पहुंच गए थे, जिन्हें बाद में वापस लौटना पड़ा।
इन पांच जिलों में 8 इंच तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है. इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक पानी गिर सकता है. वहीं उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर समेत अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है।
नर्मदा उफनी, पुल के ऊपर से बहा पानी
बारिश का असर नदियों और नालों पर भी दिखाई देने लगा है. मंडला में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा और पानी पुल के ऊपर से बहने लगा. छोटा रपटा भी जलमग्न हो गया. नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इधर विदिशा के पठारी क्षेत्र में रहटी नदी भी पुल के ऊपर से बह रही है।
डिंडोरी में बारिश बनी आफत, बच्चे की मौत
डिंडोरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक करीब 6 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश के कारण कच्चा मकान ढह गया और मलबे में दबने से 7 साल के राजा की मौत हो गई. भारी बारिश से डिंडोरी का आसपास के जिलों से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ।
बारिश बढ़ी, फिर भी 19 फीसदी कमी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने के बावजूद अब तक सामान्य से करीब 19 फीसदी कम पानी गिरा है. मध्यप्रदेश में अब तक करीब 453 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में औसत 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी.'' मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ''मौजूदा मौसम प्रणाली का असर अगले दो दिन तक रहेगा. इसके बाद 13 अगस्त के आसपास एक और बारिश का सिस्टम बनने के संकेत हैं।










