CFO Sriram Venkataraman Resigns: भारत की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ‘फ्लिपकार्ट’ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कंपनी ने शुक्रवार, 20 मार्च को आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसके ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) श्रीराम वेंकटरमन अपने पद से हट रहे हैं। यह रणनीतिक बदलाव उस समय हो रहा है जब ई-कॉमर्स दिग्गज भारतीय शेयर बाजार में अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
श्रीराम वेंकटरमन का फ्लिपकार्ट में सफर
बताते चले कि, श्रीराम वेंकटरमन का फ्लिपकार्ट के साथ एक दशक लंबा और सफल कार्यकाल अब अपने समापन की ओर है। साल 2015 में कंपनी से जुड़ने के बाद, उन्होंने 2018 में ग्रुप के वित्त विभाग (Finance Function) की बागडोर संभाली थी। पिछले सात वर्षों में उन्होंने कंपनी के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सूत्रों के अनुसार, पिछले 6 महीनों से उन्होंने परिचालन संबंधी गतिविधियों में अपनी सक्रियता कम कर दी थी। हालांकि, वे अगले कुछ समय तक कंपनी के साथ बने रहेंगे ताकि नई लीडरशिप को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
रवि अय्यर को मिली नई जिम्मेदारी
आपको बता दे कि, वेंकटरमन के उत्तराधिकारी के रूप में कंपनी ने अपने भरोसेमंद अनुभवी अधिकारी रवि अय्यर पर दांव लगाया है। रवि 2014 से ही फ्लिपकार्ट परिवार का हिस्सा रहे हैं और हाल के समय में कंपनी के CFO के तौर पर काम कर रहे थे। फ्लिपकार्ट प्रबंधन पिछले काफी समय से रवि अय्यर को इस शीर्ष स्तर की भूमिका के लिए तैयार कर रहा था। अब वे पूरे ग्रुप की वित्तीय रणनीतियों और संगठनात्मक ढांचे की देखरेख करेंगे। ग्रुप सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने इस बदलाव पर श्रीराम वेंकटरमन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया और रवि अय्यर के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
फ्लिपकार्ट IPO की सुगबुगाहट
इस नेतृत्व परिवर्तन के पीछे फ्लिपकार्ट की बड़ी व्यापारिक योजनाएं छिपी हुई हैं। खबर है कि कंपनी ने अपने मेगा आईपीओ के लिए वैश्विक और घरेलू निवेश बैंकों (Investment Banks) के साथ प्रारंभिक दौर की वार्ता शुरू कर दी है। इन बैंकों की सूची में गोल्डमैन सैक्स, कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मैनेजमेंट में यह बदलाव निवेशकों को स्थिरता और भविष्य की विकास योजनाओं के प्रति आश्वस्त करने के लिए किया गया है।
पूंजी जुटाने की योजना
फ्लिपकार्ट का यह मेगा आईपीओ साल 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में आने की प्रबल संभावना है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस इश्यू का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘प्राइमरी शेयर’ (Primary Issue) के रूप में होगा, जिसका सीधा अर्थ है कि कंपनी में नया निवेश आएगा जो इसके विस्तार में मदद करेगा। फिलहाल कंपनी बाजार की वर्तमान स्थिति, ग्राहकों की मांग और संभावित निवेशकों के उत्साह का गहन विश्लेषण कर रही है। भारत के डिजिटल रिटेल बाजार में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए यह आईपीओ मील का पत्थर साबित हो सकता है।









