जेपी अस्पताल में आग से हड़कंप, सुरक्षित निकाले गए मरीज; मौके पर दमकल

भोपाल।  राजधानी के प्रमुख शासकीय जय प्रकाश (जेपी) अस्पताल में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब ओपीडी ब्लॉक की पहली मंजिल पर स्थित स्टोर रूम से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। दोपहर में हुई इस घटना ने अस्पताल के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी। प्लास्टिक और सर्जिकल सामान जलने से निकला काला धुआं चंद मिनटों में पूरे परिसर में फैल गया, जिससे ओपीडी में मौजूद डॉक्टर और मरीज जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। करीब 45 मिनट तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा गार्ड हरिदेव का अदम्य साहस… ताला

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 18, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल। 

राजधानी के प्रमुख शासकीय जय प्रकाश (जेपी) अस्पताल में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब ओपीडी ब्लॉक की पहली मंजिल पर स्थित स्टोर रूम से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। दोपहर में हुई इस घटना ने अस्पताल के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी। प्लास्टिक और सर्जिकल सामान जलने से निकला काला धुआं चंद मिनटों में पूरे परिसर में फैल गया, जिससे ओपीडी में मौजूद डॉक्टर और मरीज जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। करीब 45 मिनट तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

सुरक्षा गार्ड हरिदेव का अदम्य साहस… ताला तोड़कर बुझाई आग

जब आग लगी, तब स्टोर रूम का गेट बंद था और चाबी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में सुरक्षा गार्ड हरिदेव यादव ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गेट का ताला तोड़ा और फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने में जुट गया। एक के बाद एक करीब आठ कंटेनर खाली करने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान धुआं फेफड़ों में भरने से हरिदेव की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। दमकल की गाड़ियां सूचना के 30 मिनट बाद पहुंचीं, तब तक गार्ड आग बुझा चुका था।

लाखों के स्प्रिंकलर हुए फेल, सिस्टम का नहीं हुआ था हैंडओवर

हैरानी की बात यह है कि बीते साल अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए ऑटोमैटिक वाटर स्प्रिंकलर और फायर डिटेक्शन सिस्टम ने काम ही नहीं किया। जांच में सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन ने अब तक फायर सेफ्टी एजेंसी को सिस्टम का हैंडओवर ही नहीं दिया था, जिसके चलते आधुनिक उपकरण केवल दीवार की शोभा बढ़ा रहे थे।

जेपी अस्पताल में हुई आगजनी की घटना की प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आ रही है। अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरणों के हैंडओवर और उनके संचालन में हुई देरी को लेकर सिविल सर्जन से रिपोर्ट तलब की गई है। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी जिला अस्पतालों को पुनः फायर ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। – डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

 

Leave a Comment

2