FIFA World Cup 2026 के आयोजन में अब बहुत कम समय बचा है, लेकिन इसके तीनों मेजबान देशों—यूएसए, कनाडा और मेक्सिको—के कई शहरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा योजनाएं अपने निर्धारित शेड्यूल से काफी पीछे चल रही हैं। यदि 11 जून को टूर्नामेंट शुरू होने तक इन खामियों को दूर नहीं किया गया, तो खिलाड़ियों और लाखों प्रशंसकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। यह पहली बार है जब वर्ल्ड कप का आयोजन तीन देशों में संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स और तालमेल की चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं।
900 मिलियन डॉलर की फंडिंग पर लगी रोक
इस मेगा इवेंट के आयोजन के लिए सबसे बड़ी बाधा वित्तीय संकट बनकर उभरी है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 900 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम फेडरल फंडिंग को फिलहाल रोक दिया गया है। इस राशि में से 625 मिलियन डॉलर विशेष रूप से सुरक्षा प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए आवंटित किए गए थे। इसके अतिरिक्त, 250 मिलियन डॉलर का बजट ‘ड्रोन गतिविधियों’ पर निगरानी रखने और किसी भी हवाई खतरे को नियंत्रित करने के लिए तय था। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) के कुछ आंतरिक फैसलों और शटडाउन के खतरों के कारण इस फंड की रिलीज अटक गई है।
मेजबान शहरों की चेतावनी: मियामी और कैनसस सिटी की मुश्किलें
मियामी वर्ल्ड कप होस्ट कमेटी के प्रमुख रे मार्टिनेज ने चेतावनी दी है कि उनके पास समय बहुत कम बचा है। मियामी ने 70 मिलियन डॉलर की फेडरल सहायता की मांग की है, और यदि मार्च के अंत तक इसे मंजूरी नहीं मिली, तो उन्हें कई इवेंट्स और ‘फैन फेस्ट’ जैसी गतिविधियों में भारी कटौती करनी पड़ेगी। वहीं, कैनसस सिटी के डिप्टी पुलिस चीफ जोसेफ मैबिन ने स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि शहर की सुरक्षा के लिए वर्तमान कर्मचारी पर्याप्त नहीं हैं और बिना फेडरल मदद के वे इतने बड़े स्तर की भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ होंगे।
मैसाचुसेट्स ने दी मेजबानी छोड़ने की धमकी
फंडिंग और सुरक्षा को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ गया है कि कुछ शहर मेजबानी से पीछे हटने पर विचार कर रहे हैं। फॉक्सबोरो (मैसाचुसेट्स) के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि उन्हें जल्द ही आवश्यक वित्तीय मदद नहीं मिली, तो वे जिलेट स्टेडियम में प्रस्तावित सात महत्वपूर्ण मैचों की मेजबानी छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं। नेशनल फ्यूजन सेंटर एसोसिएशन के अध्यक्ष माइक सेना का कहना है कि फेडरल और स्थानीय अधिकारियों के बीच खराब तालमेल ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।
48 टीमों का महाकुंभ: 11 जून से होगा आगाज
फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने विस्तार के कारण भी ऐतिहासिक है, जिसमें पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 11 जून को मेक्सिको में खेला जाएगा, जबकि अमेरिका अपने अभियान की शुरुआत 12 जून को लॉस एंजिल्स में करेगा। ऑस्ट्रेलिया की टीम वैंकूवर से शुरुआत करेगी और पैराग्वे व अमेरिका जैसी बड़ी टीमों से ग्रुप स्टेज में भिड़ेगी। हालांकि, खेल प्रेमियों का उत्साह चरम पर है, लेकिन प्रशासनिक और वित्तीय अड़चनों ने आयोजकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
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