FIFA World Cup 2026 : बेल्जियम और इजिप्ट का रोमांचक मुकाबला 1-1 ड्रॉ

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-जी में बेल्जियम और इजिप्ट के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दम लगाया, लेकिन मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस नतीजे ने ग्रुप की अंक तालिका और अगले मुकाबलों को और दिलचस्प बना दिया है।

FIFA World Cup 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 16, 2026

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FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में सोमवार देर रात फुटबॉल प्रेमियों को एक और बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाला मुकाबला देखने को मिला। शानदार प्रदर्शन और शुरुआती बढ़त के बावजूद, इजिप्ट (मिस्र) की टीम अपने ही डिफेंडर की एक आत्मघाती गलती (ओन गोल) के कारण बेल्जियम के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने से चूक गई। इस हाई-वोल्टेज मैच का अंतिम परिणाम 1-1 की बराबरी पर छूटा। बेल्जियम के लिए जहां किस्मत ने साथ दिया और उन्हें विपक्षी खिलाड़ी मोहम्मद हानी की गलती से 1 गोल उपहार में मिला, वहीं इजिप्ट के लिए एकमात्र मैदानी गोल स्टार खिलाड़ी इमाम अशौर ने दागा।

मौजूदा विश्व कप को शुरू हुए अभी महज 4 दिन ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही कई बड़े उलटफेर देखने को मिल चुके हैं। जहां जापान ने नीदरलैंड्स को ड्रॉ पर रोककर एशियाई फुटबॉल का सूर्योदय किया है, वहीं ब्राजील ने मोरक्को से और केप वर्डे ने विश्व विजेता स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर अपनी इज्जत बचाई है। सोमवार को मिस्र के कप्तान मोहम्मद सालाह अपने जन्मदिन पर देशवासियों को जीत का सबसे बड़ा तोहफा दे सकते थे, अगर हानी से वह जानलेवा चूक न हुई होती।

केविन डी ब्रूने की फीकी धार और इमाम अशौर का पहला विश्व कप गोल

साल 2018 के विश्व कप में ईडन हैज़र्ड और रोमेलु लुकाकू की जुगलबंदी के दम पर बेल्जियम ने सेमीफाइनल तक की लंबी छलांग लगाई थी। हालांकि, मौजूदा टूर्नामेंट में हैज़र्ड टीम के असिस्टेंट कोच की भूमिका में हैं और लुकाकू को शुरुआती एकादश (फर्स्ट इलेवन) में जगह नहीं मिली है। टीम के स्टार गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ और मिडफील्डर केविन डी ब्रूने अभी भी मैदान पर हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण डी ब्रूने के खेल में अब पहले जैसी धार नजर नहीं आ रही है।

मैच के शुरुआती मिनटों में बेल्जियम ने बॉल पज़ेशन के मामले में बढ़त जरूर बनाई, लेकिन मिस्र ने जल्द ही पलटवार करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला खड़ा किया। मैच के 20वें मिनट में मिस्र के इमाम अशौर ने राइट विंग से मोहम्मद सालाह के एक बेहद तेज तर्रार पास पर शानदार गोल करके अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इमाम अशौर के लिए विश्व कप के इतने बड़े मंच पर बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ गोल दागना किसी सपने के सच होने जैसा था।

मोहम्मद सालाह और मर्मूस का आक्रामक खेल, बेल्जियम के डिफेंस में खलबली

मिस्र के फॉरवर्ड लाइन के मुख्य स्तंभ मोहम्मद सालाह और ओमर मर्मूस ने अपने आक्रामक खेल से बेल्जियम के डिफेंस को पूरे मैच के दौरान लगातार डराए रखा। बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर कोर्टुआ को कई बार गोल पोस्ट के नीचे मुस्तैदी दिखाते हुए अपनी टीम के किले को ढहने से बचाना पड़ा। दूसरे हाफ के 57वें मिनट में मिस्र के पास अपनी बढ़त को दोगुना करने का एक बेहद सुनहरा मौका आया था, जिसे मर्मूस ने गंवा दिया। बॉक्स के अंदर से सालाह द्वारा लगाए गए एक जोरदार शॉट को कोर्टुआ पूरी तरह ग्रिप नहीं कर पाए और गेंद उनके हाथों से छिटक कर आगे गिर गई, लेकिन वहां मौजूद मिस्र का फॉरवर्ड खिलाड़ी इस रिबाउंड का फायदा उठाने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके तुरंत बाद कोच ने बड़ा बदलाव करते हुए बेल्जियम के स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू को मैदान पर उतारा।

मैदान पर रोमेलु लुकाकू का जलवा और मोहम्मद हानी की बदकिस्मती

मैच के 65वें मिनट तक बेल्जियम की टीम स्कोरशीट को 1-1 की बराबरी पर लाने में सफल रही। हालांकि आधिकारिक रिकॉर्ड बुक्स में इसे इजिप्ट के फुटबॉलर मोहम्मद हानी का ‘ओन गोल’ (आत्मघाती गोल) दर्ज किया गया, लेकिन इस गोल को बनाने का असली श्रेय रोमेलु लुकाकू के भारी-भरकम शारीरिक प्रभाव को जाता है। यदि लुकाकू अपनी पूरी ताकत के साथ गर्दन पर मिस्र के दो डिफेंडरों को लादे हुए गोल एरिया के भीतर नहीं घुसे होते, तो यह गोल कभी संभव नहीं होता। गेंद मुश्किल से उनके पैरों को छूकर आगे बढ़ी थी, लेकिन अपनी टीम को खतरे से बचाने के प्रयास में हानी ने गलत दिशा में पैर अड़ा दिया और गेंद सीधे उनके ही नेट में जा घुसी। गौरतलब है कि लुकाकू ने पिछले एक साल से कोई क्लब फुटबॉल नहीं खेला है, लेकिन इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके अनुभव का लोहा पूरी दुनिया ने माना।

वैश्विक फुटबॉल में बदल रहे समीकरण

मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती कुछ मैचों के नतीजों को देखने के बाद, विश्व फुटबॉल के पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नया और गंभीर विमर्श शुरू हो गया है। लंबे समय से यह सवाल उठाया जा रहा था कि क्या अफ्रीकी और एशियाई देश कभी यूरोप और लैटिन अमेरिका के पारंपरिक फुटबॉल दिग्गजों के सामने टिक पाएंगे? लेकिन इस विश्व कप में जिस तरह से केप वर्डे, जापान और इजिप्ट ने यूरोप की शीर्ष टीमों को पसीने छुड़ाए हैं, उससे साफ है कि फुटबॉल के वैश्विक समीकरण अब तेजी से बदल रहे हैं। जैसे-जैसे यह महाकुंभ आगे बढ़ेगा, यह कशमकश और भी साफ और रोमांचक होती जाएगी।

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