FBI Raid : बिश्नोई गैंग पर FBI का ग्लोबल एक्शन, अमेरिका-यूरोप में 24 आरोपी गिरफ्तार, कई फरार

बिश्नोई गैंग के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर FBI और सहयोगी एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई में अमेरिका और यूरोप के कई स्थानों पर छापेमारी की गई। 24 आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है, जबकि कुछ संदिग्ध अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। जानिए इस ऑपरेशन की पूरी कहानी और जांच में सामने आए अहम खुलासे।

FBI Raid

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 8, 2026

FBI Raid : अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और अन्य अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ एक ऐतिहासिक और समन्वित सैन्य व कानूनी अभियान शुरू किया है। “ऑपरेशन हार्ड बॉल” नामक इस महा-अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक छापेमारी की है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अपहरण और हथियारों से जुड़े संगठित अपराधों के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, यह गिरोह कई महाद्वीपों में अपना आपराधिक साम्राज्य फैलाए हुए था, जिसे अब कानून की जद में लाया जा रहा है।

50 से अधिक वारंट और दो दर्जन से ज्यादा गिरफ्तारियां

अमेरिकी अधिकारियों ने वर्षों की लंबी और गहन जांच के बाद कैलिफोर्निया, इंडियाना, जॉर्जिया के साथ-साथ कनाडा और स्पेन में 50 से अधिक तलाशी वारंट जारी किए। इस समन्वित कानूनी कार्रवाई के दौरान 37 संदिग्धों को तीन अलग-अलग संघीय अभियोगों के तहत नामजद किया गया है, जिनमें से 24 को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 10 अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह कार्रवाई भारत स्थित तीन बड़े संगठित अपराध समूहों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है, जो विदेशों में बैठकर अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे थे।

जेल से वैश्विक आपराधिक नेटवर्क का संचालन

अमेरिकी अभियोजकों ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को इस वैश्विक अपराध नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार बताया है। आरोप है कि बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए भी प्रतिबंधित संचार उपकरणों और इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हत्याओं, अपहरण और वसूली के आदेश देता रहा है। इस गिरोह के उत्तरी अमेरिकी संचालन का नेतृत्व गोल्डी बरार और यूरोपीय गतिविधियों की निगरानी रोहित गोदारा द्वारा किए जाने का दावा किया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसियों का स्पष्ट आरोप है कि यह गिरोह न केवल हिंसा के जरिए भारतीय प्रवासी समुदायों को डरा-धमका रहा था, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी हिंसक प्रतिष्ठा को और अधिक खौफनाक बना रहा था।

गंभीर आरोप: हत्या, कोकीन तस्करी और जबरन वसूली

इस ऑपरेशन के तहत दर्ज अभियोगों में जून 2023 में कनाडा के सरे में एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता की हत्या का सनसनीखेज मामला भी शामिल है, जिसका सीधा आदेश बिश्नोई और बरार द्वारा दिए जाने का आरोप है। न्याय विभाग का कहना है कि गिरोह ने अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी और जबरन वसूली के जरिए भारी धन जुटाया। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां देकर उनसे लाखों डॉलर वसूलते थे। इसके अतिरिक्त, इन अपराधियों पर प्रतिद्वंद्वी समूहों से ड्रग्स चुराने और अमेरिका-कनाडा सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी का भी आरोप है।

अन्य दो गिरोहों पर भी शिकंजा

बिश्नोई गिरोह के अलावा, अमेरिकी न्याय विभाग ने दो अन्य बड़े आपराधिक नेटवर्कों पर भी कार्रवाई की है। दूसरा अभियोग जगगु भगवानपुरिया संगठन के खिलाफ है, जिसका जाल अमेरिका से लेकर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया तक फैला हुआ है। यह गिरोह कथित तौर पर भ्रष्ट अधिकारियों की मदद से भारत में अपने प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाता है। तीसरा अभियोग रविंदर सिंह ढांडा के नेतृत्व वाले कनाडा स्थित ड्रग तस्करी नेटवर्क पर केंद्रित है, जिस पर दक्षिणी कैलिफोर्निया से कनाडा तक कोकीन और मेथम्फेटामाइन की भारी मात्रा में तस्करी करने का आरोप है। यह वैश्विक कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है।

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