विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिका में तीन दिन, ऊर्जा व सुरक्षा पर गहन चर्चा

नई दिल्ली   भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा 2 से 4 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान वह अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भाग लेंगे। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव, और रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और नई तकनीकों के लिए बेहद जरूरी

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Published On :

फ़रवरी 2, 2026

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नई दिल्ली  
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा 2 से 4 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान वह अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भाग लेंगे। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव, और रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और नई तकनीकों के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।

अमेरिका यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। हाल ही में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई थी। जयशंकर ने उम्मीद जताई थी कि सर्जियो गोर भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

 इसके अलावा, 25 जनवरी को जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी, जिसमें माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस शामिल थे। इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंध, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।इससे पहले, 13 जनवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।

इस बातचीत में नागरिक परमाणु ऊर्जा, व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग की समीक्षा की गई थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया था और कहा था कि दोनों देशों ने व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स और आने वाले महीनों में संभावित उच्चस्तरीय बैठक को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। जयशंकर की यह अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

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