अब ‘कमांडो स्टाइल’ में तैयार होंगे आबकारी अधिकारी, हथियार संचालन की विशेष ट्रेनिंग शुरू

इंदौर अवैध शराब कारोबारियों के बढ़ते नेटवर्क और अपराधियों की नई-नई तकनीकों ने अब आबकारी विभाग की कार्यशैली भी बदल दी है। शराब माफिया जिस तरह संगठित तरीके से काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए अब आबकारी निरीक्षकों और अधिकारियों को भी पुलिस की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए उन्हें हथियार चलाने, शारीरिक प्रशिक्षण, साइबर अपराध की जांच और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की विशेष ट्रैनिंग दी जाएगी। अब तक आबकारी अधिकारियों को 60 दिन का सामान्य प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन नए पाठ्यक्रम के तहत यह अवधि बढ़ाकर 90 दिन कर दी गई है। नया पाठ्यक्रम

Wrriten By :

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Published On :

मई 11, 2026

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इंदौर
अवैध शराब कारोबारियों के बढ़ते नेटवर्क और अपराधियों की नई-नई तकनीकों ने अब आबकारी विभाग की कार्यशैली भी बदल दी है। शराब माफिया जिस तरह संगठित तरीके से काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए अब आबकारी निरीक्षकों और अधिकारियों को भी पुलिस की तर्ज पर तैयार किया जाएगा।

इसके लिए उन्हें हथियार चलाने, शारीरिक प्रशिक्षण, साइबर अपराध की जांच और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की विशेष ट्रैनिंग दी जाएगी। अब तक आबकारी अधिकारियों को 60 दिन का सामान्य प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन नए पाठ्यक्रम के तहत यह अवधि बढ़ाकर 90 दिन कर दी गई है।

नया पाठ्यक्रम तैयार किया
प्रशिक्षण जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी (जेएनपीए), सागर में होगा, जहां पुलिस उप निरीक्षक और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को ट्रैनिंग दी जाती है। हाल ही में भर्ती हुए 45 आबकारी अधिकारियों से इसकी शुरुआत होगी। पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा ने नया पाठ्यक्रम तैयार किया है।
 
इसमें आबकारी अधिकारियों को पुलिस उप निरीक्षकों की तरह मैदानी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान वे एसएलआर और पिस्तौल चलाना सीखेंगे, परेड करेंगे और फिजिकल ड्रिल भी करेंगे। ट्रेनिंग में साइबर अपराध की जांच, ई-फाइलिंग, सीपीआर देने और तकनीकी मामलों की जानकारी भी दी जाएगी।

फिजिकल ट्रैनिंग के 47 पीरियड
आबकारी अधिकारियों को फिजिकल ट्रैनिंग के तहत पांच किमी दौड़, 12 किमी रोड वॉक, क्रोकोडाइल वॉक और डग वॉक जैसे कठिन अभ्यास कराए जाएंगे। इसके लिए 47 पीरियड निर्धारित किए गए हैं। साथ ही योग और ध्यान को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है ताकि अधिकारी मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहें।

बुनियादी प्रशिक्षण के साथ आबकारी अधिनियम भी
बुनियादी प्रशिक्षण के साथ आबकारी अधिनियम 1915, एनडीपीएस एक्ट, एमपी बीयर एवं शराब अधिनियम 2000, विदेशी शराब भंडारण, टेंडर प्रक्रिया, बिक्री और आबकारी शुल्क से जुड़े विषय भी पढ़ाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इस नए प्रशिक्षण मॉडल से आबकारी अधिकारी अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े अपराधों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे।

शराब माफिया पर शिकंजा
बीते दिनों पहले ही मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान तेज करते हुए उज्जैन और इंदौर में दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 1.05 करोड़ से अधिक की शराब और वाहन जब्त किए हैं। जानकारी के मुताबिक उज्जैन में नानाखेड़ा क्षेत्र स्थित निनोरा टोल प्लाजा के पास पुलिस ने एक ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसमें 900 पेटी (21,600 केन) अवैध बीयर बरामद हुई। इंदौर में भी 43 पेटी अवैध विदेशी शराब जब्त की गई।

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