बिहार में परीक्षा घोटाला, BPSC ने 32 अभ्यर्थियों पर लगाया प्रतिबंध

 पटना  बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा रद कर दी है। परीक्षा में कदाचार और गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में 6 जिलों में 8 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाया। इसके साथ ही 32 परीक्षार्थियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। मुंगेर में सामने आया मामला AEDO परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य आधुनिक उपकरणों

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Published On :

मई 2, 2026

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 पटना

 बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा रद कर दी है।

परीक्षा में कदाचार और गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में 6 जिलों में 8 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाया।

इसके साथ ही 32 परीक्षार्थियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

मुंगेर में सामने आया मामला
AEDO परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य आधुनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सतर्क प्रशासन ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।

14 से 21 अप्रैल तक 935 पदों के लिए 9 पालियों में परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। वहीं, अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी के लिए 23 अप्रैल को परीक्षा हुई थी।

शिक्षा विभाग के तहत AEDO की वैकेंसी राज्य में पहली बार निकाली गई थी, जिसके लिए 10 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

BPSC ने तीन चरणों में परीक्षा आयोजित की थी—पहला चरण 14-15 अप्रैल, दूसरा 17-18 अप्रैल और तीसरा चरण 20-21 अप्रैल को हुआ था।

डीएम को मिली थी पहले ही सूचना
परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही मुंगेर में डीएम को गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

इस मामले में अब तक 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 36 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक 22 गिरफ्तारियां मुंगेर से हुई हैं।

मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी जुट चुकी है, हालांकि 12 दिन बाद भी मास्टरमाइंड का पता नहीं चल सका है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक या वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

जिलेवार एफआईआर का ब्योरा:
    मुंगेर – 1
    नालंदा – 1
    बेगूसराय – 1
    वैशाली – 1
    गया – 2
    समस्तीपुर – 2

 

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