European Countries: नेवेलनी की रहस्यमयी मौत, यूरोपीय देशों ने रूस को ठहराया जिम्मेदार

ब्रिटेन के विदेश मंत्री यावेट कूपर ने कहा कि रूस नेवेलनी को खतरा मानता था और इस जहर का इस्तेमाल उसके राजनीतिक विरोध और घबराहट को दर्शाता है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 15, 2026

European Countries: रूस के प्रमुख विपक्षी नेता एलेक्सी नेवेलनी की मौत, जो पिछले दो सालों से रहस्य बनी हुई थी, अब एक नए विवाद में उलझ गई है। यूरोप के पांच देशों ने इस मामले को लेकर रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नेवेलनी की मौत एक खतरनाक जहर के कारण हुई और इसके लिए रूस की सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया है। यूरोपीय देशों ने आधिकारिक रूप से इस मामले का खुलासा करते हुए कहा कि नेवेलनी को साउथ अमेरिका में पाए जाने वाले जहरीले मेढ़कों के जहर से मारा गया था।

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यूरोपीय देशों का संयुक्त बयान

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नेवेलनी की रहस्यमयी मौत

यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड के विदेश मंत्रालयों ने इस मामले को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया। बयान में बताया गया कि एलेक्सी नेवेलनी के सैंपल्स का लैब में परीक्षण किया गया था, जिसमें एपिबैटिडाइन नामक जहर का पता चला। यह जहर साउथ अमेरिका के डार्ड मेढ़कों की त्वचा में पाया जाता है, और यह रूस में स्वाभाविक रूप से नहीं पाया जाता है।

यूरोपीय देशों ने कहा कि रूस के पास नेवेलनी को जहर देने के लिए पर्याप्त साधन, मकसद और मौका दोनों थे। इन देशों ने यह भी घोषणा की कि वे इस मामले में रासायनिक हथियार कंवेंशन के उल्लंघन की शिकायत रासायनिक हथियारों के निषेध संगठन (OPCW) से करेंगे।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री का बयान

ब्रिटेन के विदेश मंत्री यावेट कूपर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस नेवेलनी को अपने लिए एक खतरा मानता था। उनका कहना था कि इस तरह के खतरनाक जहर का इस्तेमाल रूस के उन राजनीतिक साधनों और विरोधों को उजागर करता है, जो पुतिन सरकार की घबराहट और भय का परिणाम हो सकते हैं।

पुतिन के कट्टर आलोचक

एलेक्सी नेवेलनी रूस के सबसे बड़े विपक्षी नेता और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक थे। उनकी मौत फरवरी 2024 में आर्कटिक क्षेत्र की एक पीनल कॉलोनी में हुई, जहां वह अपनी 19 साल की सजा काट रहे थे। उन्होंने अपनी सजा को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया था, और इसे पुतिन सरकार के विरोध के कारण दिए गए प्रतिशोध के रूप में देखा।

नेवेलनी ने रूस में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और पुतिन के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। उन्होंने सरकारी भ्रष्टाचार को उजागर किया और इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की, जिससे वह रूस के सबसे प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हो गए थे। उनकी मौत के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मामला विवादों का कारण बना हुआ है, और अब यूरोपीय देशों द्वारा रूस पर लगाए गए आरोपों से यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

रूस पर आरोप और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

एलेक्सी नेवेलनी की रहस्यमयी मौत अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है। यूरोपीय देशों का मानना है कि रूस की सरकार ने जानबूझकर नेवेलनी को खत्म करने के लिए इस जहर का इस्तेमाल किया, और इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। रूस पर रासायनिक हथियार कंवेंशन का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए यूरोपीय देशों ने इसे एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बताया है।

इस घटना ने न केवल रूस की आंतरिक राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और रूस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव किस स्तर तक बढ़ता है।

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