Etah News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुहर्रम जुलूसों को लेकर जारी की गई सख्त हिदायतें एटा जिले में बेअसर साबित हुईं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 10 से 12 फीट रखने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। हालांकि, एटा के अलीगंज में इन निर्देशों की अनदेखी की गई, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा हादसा हुआ। एक ताजिया के हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से एक युवक की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
ताजिया जुलूस के दौरान कैसे हुआ यह हादसा
बताते चले कि, घटना एटा जिले के अलीगंज कस्बे की है, जहां मुहर्रम का जुलूस पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ताजिया का आकार निर्धारित मानकों से कहीं अधिक था। जब जुलूस बिजली के तारों से गुजर रहा था, तो ताजिया का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली का करंट उतरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद चार लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही हालत नाजुक हो गई थी।
प्रशासन की तत्परता और घायलों का उपचार
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। आनन-फानन में सभी चारों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।
ताजिया की अधिक ऊंचाई और लापरवाही की पुलिस जांच
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण ताजिया की अत्यधिक ऊंचाई थी। बताया जा रहा है कि जुलूस में शामिल लोग ताजिया को झुकाकर हाईटेंशन लाइन के नीचे से निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तभी यह जानलेवा संपर्क हो गया। एसपी सिटी श्वेताभ पाण्डेय ने पुष्टि की है कि यह दुर्घटना लापरवाही के कारण हुई है। पुलिस अब मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
मुख्यमंत्री की चेतावनी के बावजूद इस तरह का हादसा प्रशासन और आयोजकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। ताजिया की ऊंचाई सीमित रखने के पीछे का उद्देश्य किसी भी प्रकार के विद्युत दुर्घटनाओं को रोकना था, जिसे एटा में नजरअंदाज किया गया। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और सरकारी निर्देशों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।










