Ayatollah Ali Khamenei Funeral: पिता के जनाजे से दूर रहेंगे मोजतबा, सुरक्षा वजह बनी

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खराब होकर खड़ी रोडवेज बस में तेज रफ्तार कैंटर पीछे से जा घुसा, जिससे 4 लोगों की मौत और कई यात्री घायल हो गए। आखिर हादसा कैसे हुआ और जांच में क्या सामने आया? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Ayatollah Ali Khamenei Funeral

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 3, 2026

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश में शोक की लहर है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 4 जुलाई को शुरू होगा, जो कई दिनों तक चलेगा। इस प्रक्रिया का समापन 9 जुलाई को मशहद शहर में होगा, जहाँ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। इस ऐतिहासिक जनाजे में लाखों की संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। ईरान सरकार ने इस शोक सभा में भाग लेने के लिए भारत सहित दुनिया भर के कई देशों के राजनेताओं और प्रतिनिधियों को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। उल्लेखनीय है कि खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के पहले दिन एक हवाई हमले में हुई थी।

सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखेंगे मोजतबा खामेनेई

इस अंतिम संस्कार से जुड़ी सबसे बड़ी चर्चा का विषय खामेनेई के बेटे और ईरान के वर्तमान सर्वोच्च धार्मिक नेता, मोजतबा खामेनेई की उपस्थिति को लेकर है। भारत में मौजूद खामेनेई के प्रतिनिधि, आयतुल्लाह हकीम इलाही ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा चिंताओं के कारण मोजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। इजरायली खुफिया एजेंसियों की धमकियों और निरंतर निगरानी के जोखिम को देखते हुए यह कड़ा निर्णय लिया गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में सार्वजनिक उपस्थिति मोजतबा के लिए घातक साबित हो सकती है, इसलिए उन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।

इजरायली रक्षा मंत्री की धमकी और ईरान का कड़ा रुख

तनाव उस समय और बढ़ गया जब इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को ‘मौत के लिए चिह्नित’ कर लिया गया है। इस भड़काऊ बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया है कि वे इजरायल में अपने ‘पालतू जानवरों’ यानी इजरायली नेतृत्व पर लगाम लगाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में शत्रुता को कम करने के लिए जो 14 सूत्री समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया था, उसका पालन करना अमेरिका की जिम्मेदारी है।

ईरान की चेतावनी: नेतृत्व पर हमले का मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी बात मजबूती से रखी। उन्होंने कहा कि ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ की शर्तें सार्वजनिक हैं और अमेरिका ने इजरायल को नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता जताई है। अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इजरायल ने अपने अमेरिकी आका की अवहेलना की, तो ईरान उन्हें सबक सिखाने में पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के नेतृत्व या उसके लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी या हमले का जवाब तत्काल और अत्यंत कठोर होगा। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में पहले से ही नाजुक स्थिति को और अधिक विस्फोटक बना रहा है, जहां अब ईरान और इजरायल के बीच सीधे टकराव की आशंका प्रबल हो गई है।

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