एंट्री टैक्स विवाद ने पकड़ा तूल, निहंग सिंहों ने हिमाचल में शुरू की अलग टैक्स वसूली

कीरतपुर साहिब/रूपनगर. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि

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Published On :

जून 3, 2026

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कीरतपुर साहिब/रूपनगर.

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है।

इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है।

एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम
निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी।

फैसला वापस लेने की रखी मांग
इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निहंग सिंहों ने दी चेतावनी
निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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