England vs Norway : इंग्लैंड ने नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में हराया, बेलिंगहम बने हीरो, सेमीफाइनल में बनाई जगह

इंग्लैंड और नॉर्वे के बीच खेला गया मुकाबला आखिर तक रोमांच से भरपूर रहा। निर्धारित समय में बराबरी के बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहां जूड बेलिंगहम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को जीत दिलाई और टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। आखिर मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट क्या था, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

England vs Norway

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 12, 2026

England vs Norway : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। इस करारी हार के साथ ही नॉर्वे का नॉकआउट चरण में सफर समाप्त हो गया है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। दोनों टीमों के बीच खेल के निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिसके बाद मैच का फैसला एक्स्ट्रा टाइम में हुआ। इंग्लैंड की इस ऐतिहासिक जीत में स्टार खिलाड़ी जूड बेलिंघम सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे, जिन्होंने टीम के लिए दोनों निर्णायक गोल दागे। वहीं नॉर्वे की तरफ से एकमात्र गोल आंद्रेस शेलदेरप (एंड्रियास श्जेल्डरप) ने किया। अब 16 जुलाई को होने वाले सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना अर्जेंटीना या स्विट्जरलैंड में से किसी एक विजेता टीम से होगा।

शुरुआती झटके के बाद बेलिंघम ने कराई इंग्लैंड की वापसी

मैच के शुरुआती दौर में नॉर्वे ने बेहद आक्रामक खेल दिखाया और इंग्लैंड पर दबाव बनाने में कामयाबी हासिल की। मुकाबले के 36वें मिनट में नॉर्वे के आंद्रेस शेलदेरप ने एक बेहतरीन और दर्शनीय गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद इंग्लैंड के खेमे में मायूसी छा गई और पहले हाफ के अंत में उनकी मुश्किलें काफी बढ़ती हुई दिखाई दे रही थीं। हालांकि, नॉर्वे की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। ठीक 11 मिनट बाद, यानी पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले, जूड बेलिंघम ने अपनी क्लास दिखाते हुए एक शानदार गोल किया और इंग्लैंड को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। हाफ टाइम की सीटी बजने तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं।

दूसरे हाफ में नॉर्वे का दबदबा, फुल टाइम तक नहीं हुआ फैसला

हाफ टाइम के बाद जब दूसरे हाफ का खेल शुरू हुआ, तो दोनों ही टीमों ने बढ़त बनाने के लिए गोल करने की पुरजोर कोशिशें कीं। रेगुलर टाइम के इस दूसरे हाफ में नॉर्वे की टीम खेल के हर विभाग में इंग्लैंड से कहीं बेहतर नजर आ रही थी। इंग्लैंड के खिलाड़ी इस दौरान काफी संघर्ष करते दिखे और उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था। नॉर्वे ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन इंग्लैंड के डिफेंस ने उन्हें और गोल करने से रोके रखा। फुल टाइम (90 मिनट) का खेल खत्म होने तक कोई भी टीम दूसरा गोल करने में कामयाब नहीं हो सकी और स्कोर 1-1 पर ही अटका रहा।

एक्स्ट्रा टाइम में जूड बेलिंघम का करिश्मा और मैच का टर्निंग पॉइंट

चूंकि रेगुलर टाइम में मैच का फैसला नहीं हो सका, इसलिए खेल को एक्स्ट्रा टाइम में ले जाया गया। यहीं पर इंग्लैंड ने बाजी पलट दी। एक्स्ट्रा टाइम की शुरुआत होते ही, मैच के 93वें मिनट में जूड बेलिंघम ने एक बार फिर अपना करिश्मा दिखाया। इंग्लैंड के सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मॉर्गन रोजर्स ने गोल पर एक जोरदार शॉट लगाया, जिसे नॉर्वे के गोलकीपर ओर्जन हास्कजॉल्ड नाइलैंड ठीक से कलेक्ट नहीं कर पाए और गेंद उनके हाथों से छिटक गई। वहीं मुस्तैद खड़े बेलिंघम ने कोई गलती नहीं की और गेंद को नेट में डाल दिया। नाइलैंड के लिए यह बेहद निराशाजनक पल था, लेकिन इंग्लैंड के लिए यह जीत का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

गोल्डन बूट की रेस में बेलिंघम और सेमीफाइनल की राह

इस चमत्कारी गोल की बदौलत इंग्लैंड ने 2-1 की बढ़त बना ली, जिसे उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम के पूरे 30 मिनट तक कायम रखा। नॉर्वे ने मैच में वापसी करने की आखिरी समय तक हरसंभव कोशिश की, लेकिन वे भाग्य को नहीं बदल सके और अंततः इंग्लैंड यह मैच जीतने में सफल रहा। इस मुकाबले में दो गोल दागने के साथ ही जूड बेलिंघम के टूर्नामेंट में कुल 6 गोल हो गए हैं और वे अब ‘गोल्डन बूट’ की रेस में सबसे आगे आ गए हैं। इसके साथ ही उन्हें इस विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने का भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उनका यह बेजोड़ प्रदर्शन इंग्लैंड को विश्व कप जीतने के एक कदम और करीब ले आया है।

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