पुलों की सुरक्षा जांच में अब बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज भी होंगे शामिल

पटना  बिहार मे पुलों की स्ट्रक्चरल आडिट और सुरक्षा जांच के मामले अब तक आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों को ही जिम्मेवारी दी जाती रही है। हालांक‍ि अब बिहार के इंजीनियरिंग कालेजों को भी इस काम में मौका दिया जाएगा। हाल ही में पथ निर्माण विभाग ने प्रदेश के 479 पुलों के सेफ्टी ऑडिट का निर्णय लिया था। यह काम बड़ा होने की वजह से इसमें बिहार स्थित दो-तीन सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों को भी मौका दिया जा रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने इस दिशा में बिहार स्थित इंजीनियरिंग कालेजों से प्रस्ताव मांगे हैं। मुजफ्फरपुर तथा भागलपुर स्थित

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Published On :

जुलाई 13, 2026

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पटना
 बिहार मे पुलों की स्ट्रक्चरल आडिट और सुरक्षा जांच के मामले अब तक आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों को ही जिम्मेवारी दी जाती रही है।

हालांक‍ि अब बिहार के इंजीनियरिंग कालेजों को भी इस काम में मौका दिया जाएगा। हाल ही में पथ निर्माण विभाग ने प्रदेश के 479 पुलों के सेफ्टी ऑडिट का निर्णय लिया था।

यह काम बड़ा होने की वजह से इसमें बिहार स्थित दो-तीन सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों को भी मौका दिया जा रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने इस दिशा में बिहार स्थित इंजीनियरिंग कालेजों से प्रस्ताव मांगे हैं।
मुजफ्फरपुर तथा भागलपुर स्थित इंजीनियरिंग कालेजों को मौका मिल सकता है।

पखवाड़े भर में तय हो जाएंगे संस्थानों के नाम
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम से मिली जानकारी के अनुसार पखवाड़े भर के भीतर उन इंजीनियरिंग कालेजों के नाम विधिवत तय हो जाएंगे जिन्हें बिहार स्थित पुलों की सेफ्टी ऑडिट करनी है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बहुत जल्द सेफ्टी ऑडिट के काम को आरंभ किया जाना है। हाल ही में आईआईटी पटना ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा बनाए गए 60 मीटर से अधिक लंबे पुलों की स्ट्रक्चरल ऑडिट की थी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।

थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट के लिए 47. 78 करोड़ रुपए की स्वीकृति
पुलों के इस थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट के लिए राज्‍य सरकार ने 47.78 करोड़ रुपए खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

इस श्रेणी के पुलों की होनी है सेफ्टी ऑडिट
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के 60 मीटर से 250 मीटर के बीच जो 479 पुल हैं उनकी सेफ्टी ऑडिट होनी है।

इसके तहत पुलों की वर्तमान स्थिति, उनकी संरचनात्मक मजबूती और आने वाले समय में बढ़ने वाले लोड की जांच होगी। इस क्रम में बेयरिंग्स, गर्डर, स्पैन, एक्सपैंशन ज्वाइंट्स, एप्रोच रोड और ड्रेनेज सिस्टम की जांच होगी।

72 घंटे के भीतर विभाग के पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट  
इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार किसी भी पुल की सुरक्षा ऑडिट पूरी होने के 72 घंटे के भीतर सेफ्टी आडिट की पूरी रिपोर्ट विभाग के संबंधित पोर्टल पर अपलोड हाे जाएगी।

 

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