जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे- दिया कुमारी

जयपुर. कला जगत में शनिवार (17 जनवरी) का दिन बेहद खास रहा जब प्रदेश की उपमुख्यमंत्री  तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जवाहर कला केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में सुप्रसिद्ध जलरंग कलाकार डॉ. सुषमा महाजन के कला चित्रों से सुसज्जित तीन दिवसीय “मेलोडी ऑफ़ कलर्स”  एकल प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यहां प्रदर्शित डॉ. सुषमा महाजन की 60 जलरंग कृतियों को निहारने और उनका बारीकी से अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि "डॉ. सुषमा महाजन द्वारा तैयार ये कला कृतियां निश्चित ही उत्कृष्ट हैं, अद्भुत है। उन्होंने

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जनवरी 17, 2026

जयपुर.

कला जगत में शनिवार (17 जनवरी) का दिन बेहद खास रहा जब प्रदेश की उपमुख्यमंत्री  तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जवाहर कला केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में सुप्रसिद्ध जलरंग कलाकार डॉ. सुषमा महाजन के कला चित्रों से सुसज्जित तीन दिवसीय “मेलोडी ऑफ़ कलर्स”  एकल प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यहां प्रदर्शित डॉ. सुषमा महाजन की 60 जलरंग कृतियों को निहारने और उनका बारीकी से अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि "डॉ. सुषमा महाजन द्वारा तैयार ये कला कृतियां निश्चित ही उत्कृष्ट हैं, अद्भुत है। उन्होंने कहा कि "ये जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे हैं" उपमुख्यमंत्री दिया ने उत्कृष्ट कला कृतियों से अत्यंत प्रभावित भाव से कहा " डॉ. सुषमा द्वारा ये जल रंग कृतियां बहुत बारीकी से ऊकेरी गई हैं, जिनमें वाइब्रेन्ट रंग और उनकी कलात्मकता मानवीय संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं।

दिया कुमारी ने कहा कि डॉ. सुषमा महाजन वास्तव में जल रंग कला कृतियों की सिद्धस्त कलाकार हैं, वे इस वाटर कलर आर्ट की मास्टर हैं। जल रंग में महारथ रखने वाली डॉ सुषमा की यह कला देश-प्रदेश और समूचे सृजन जगत में नायाब है, जो देश और दुनिया में राजस्थान की कला संस्कृति के परचम को फहरा रही है।

उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन 19 जनवरी तक कला प्रेमी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 7:30 बजे तक कर सकेंगे। इस प्रदर्शनी में लगभग 60 जलरंग कृतियां प्रदर्शित की गईं हैं। इनमें 22 नई कृतियां विशेष रूप से इस प्रदर्शनी के लिए तैयार की गई हैं। साथ ही, पेरिस, जयपुर और नई दिल्ली में पूर्व में प्रदर्शित चुनिंदा कृतियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया।

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