Grok AI Controversy: एलन मस्क की एआई कंपनी xAI के चैटबॉट ‘Grok’ को लेकर चल रहे वैश्विक विवाद के बीच एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। सरकारों की सख्ती और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के मद्देनजर, Grok ने अब महिलाओं की आपत्तिजनक या यौन प्रकृति (Sexual nature) वाली तस्वीरें बनाने से इनकार कर दिया है। यह कदम मुख्य रूप से डीपफेक और बिना सहमति के इमेज मैनिपुलेशन के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है।
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Grok की नई कंटेंट पॉलिसी
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, Grok AI के इमेज जनरेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यदि कोई यूजर महिलाओं को बिकिनी, स्विमवेयर या किसी भी प्रकार के रिवीलिंग कपड़ों में दिखाने की रिक्वेस्ट करता है, तो एआई उसे सीधे रिजेक्ट कर देता है। चैटबॉट अब स्पष्ट रूप से जवाब दे रहा है कि वह ऐसी तस्वीरें नहीं बना सकता जो किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचाती हों या बिना सहमति के उनके स्वरूप को बदलती हों।
UK सरकार की चेतावनी और रेगुलेटरी दबाव का प्रभाव
आपको बता दे कि, इस बड़े बदलाव के पीछे ब्रिटिश सरकार और अंतरराष्ट्रीय नियामकों का सख्त रुख माना जा रहा है। हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीयर स्टारमर ने संसद में X (पूर्व में ट्विटर) को चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि X अपने एआई टूल Grok के जरिए फैल रहे हानिकारक कंटेंट को नियंत्रित नहीं करता है, तो सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि अगर प्लेटफॉर्म सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा, तो उसका ‘सेल्फ-रेगुलेशन’ का अधिकार भी छीना जा सकता है।
डबल स्टैंडर्ड का आरोप
भले ही नई सख्ती लागू हो गई हो, लेकिन सोशल मीडिया पर एआई के पक्षपाती व्यवहार (AI Bias) को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Grok महिलाओं से जुड़ी रिवीलिंग इमेज रिक्वेस्ट को तो ब्लॉक कर रहा है, लेकिन पुरुषों या निर्जीव वस्तुओं को बिकिनी में दिखाने वाली तस्वीरें अब भी जनरेट कर रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यह नीति केवल एकतरफा है और सुरक्षा के नाम पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ अपनाए जा रहे हैं।
डीपफेक विवाद और सेलिब्रिटीज की सुरक्षा का संकट
पिछले कुछ हफ्तों में Grok AI के गलत इस्तेमाल (AI Misuse) के कई मामले सामने आए थे। कई यूजर्स ने सार्वजनिक हस्तियों और मशहूर हस्तियों की ऐसी तस्वीरें बनाईं जो उनकी छवि खराब करने वाली थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई द्वारा बनाई गई ये तस्वीरें ‘डीपफेक’ की श्रेणी में आती हैं, जिनका उपयोग महिलाओं को डिजिटल रूप से प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा था। इसी वजह से सरकारों ने X को अपने सेफ्टी प्रोटोकॉल्स मजबूत करने के निर्देश दिए थे।
भारत सहित वैश्विक स्तर पर X के खिलाफ सरकारी कार्रवाई
सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि भारत सरकार ने भी डीपफेक कंटेंट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने X को आपत्तिजनक सामग्री हटाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की चेतावनी तक दे डाली है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एआई का भविष्य तभी सुरक्षित है जब इसके कंटेंट जनरेशन टूल्स पर सख्त मानवीय और कानूनी नियंत्रण हो।
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