Artificial Intelligence : दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स (पूर्व ट्विटर) के मालिक एलन मस्क ने अपने ऊपर लग रहे नस्लवाद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक विस्तृत इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें नस्लवादी बताने की कोशिश पूरी तरह तथ्यों से परे और मनगढ़ंत है। मस्क का कहना है कि उनकी निजी जिंदगी, परिवार और उनकी कंपनियों की कार्यसंस्कृति इस तरह के आरोपों का स्वतः खंडन करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया कई बार उनके बयानों को संदर्भ से हटाकर पेश करता है, जिससे गलत संदेश जाता है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि का दिया उदाहरण
साक्षात्कार में एलन मस्क ने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टनर शिवोन जिलिस भारतीय मूल से जुड़ी हैं और आधी भारतीय हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ उनके चार बच्चे हैं। मस्क का कहना था कि यदि उनका परिवार स्वयं अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है, तो उन पर नस्लवादी होने का आरोप तर्कसंगत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के विचारों का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि पूर्वाग्रहों के आधार पर।
बेटे के नाम से भी दिया संदेश
एलन मस्क ने अपने जुड़वां बच्चों में से एक बेटे के नाम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बच्चे का नाम “स्ट्राइडर शेखर” रखा गया है। “स्ट्राइडर” नाम प्रसिद्ध काल्पनिक साहित्य द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स के एक पात्र से प्रेरित है, जबकि “शेखर” नाम भारतीय-अमेरिकी खगोल भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है। मस्क ने कहा कि यह उनके भारतीय वैज्ञानिकों के प्रति सम्मान और विविध संस्कृतियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कंपनियों में विविधता का किया उल्लेख
मस्क ने अपनी कंपनियों टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स और न्यूरालिंक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विभिन्न देशों, नस्लों और धर्मों से जुड़े लोग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनके अनुसार, उनकी कंपनियों में नियुक्तियां केवल योग्यता के आधार पर होती हैं और किसी भी प्रकार के नस्लीय भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर विविधता और प्रतिभा दोनों को समान महत्व दिया जाता है।
अप्रवासन और सांस्कृतिक मूल्यों पर रखी राय
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे प्रवासियों और मुस्लिम समुदाय को लेकर उनके विचारों पर सवाल किया गया, तो मस्क ने कहा कि उनका विरोध किसी धर्म या नस्ल से नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी चिंता केवल उन परिस्थितियों को लेकर है, जहां कोई व्यक्ति किसी देश के कानूनों, सामाजिक मूल्यों और स्थापित व्यवस्था का सम्मान नहीं करता। मस्क ने कहा कि वे अपराध, हिंसा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यवहार के खिलाफ हैं। उन्होंने ब्रिटेन की आव्रजन नीति और वहां बढ़ते अपराध को लेकर सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई अपनी चिंताओं का भी बचाव किया।
AI और रोबोटिक्स को लेकर बदली सोच
राजनीतिक मुद्दों के अलावा एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स पर भी अपनी वर्तमान सोच साझा की। पहले एआई को मानव सभ्यता के लिए संभावित खतरा बताने वाले मस्क ने अब स्वीकार किया कि इसकी प्रगति को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। उनका मानना है कि दुनिया अब उस दौर में पहुंच चुकी है, जहां एआई का विकास लगातार जारी रहेगा। इसलिए इसका विरोध करने के बजाय इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।
भविष्य में एआई से समृद्धि की उम्मीद
मस्क ने कहा कि एआई से जुड़े जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, लेकिन संभावनाएं कहीं अधिक बड़ी हैं। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, वैज्ञानिक अनुसंधान और रोजमर्रा के जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि इन तकनीकों का जिम्मेदारी से उपयोग किया गया, तो वे दुनिया भर के लोगों के लिए नई सुविधाएं, बेहतर उत्पादकता और अभूतपूर्व आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।
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