पश्चिमी सिंहभूम में हाथियों का आतंक: एक ही परिवार के 3 लोगों को कुचला

गोइलकेरा. गोइलकेरा में पगलाए जंगली हाथी ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली। प्रखंड के आराहासा पंचायत अंतर्गत सोवां गांव में सोमवार–मंगलवार की दरमियानी रात हाथी के हमले में एक व्यक्ति और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। मृत बच्चों में एक साल का बेटा और तीन साल की एक बेटी है। वहीं, मृतक की पत्नी ने एक दुधमुंही बच्ची के साथ भागकर किसी तरह अपनी जान बचा पाई। हाथी के हमले से अब तक सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान वन प्रमंडल के अलग अलग गांवों में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गोइलकेरा प्रखंड

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Published On :

जनवरी 6, 2026

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गोइलकेरा.

गोइलकेरा में पगलाए जंगली हाथी ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली। प्रखंड के आराहासा पंचायत अंतर्गत सोवां गांव में सोमवार–मंगलवार की दरमियानी रात हाथी के हमले में एक व्यक्ति और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। मृत बच्चों में एक साल का बेटा और तीन साल की एक बेटी है।

वहीं, मृतक की पत्नी ने एक दुधमुंही बच्ची के साथ भागकर किसी तरह अपनी जान बचा पाई। हाथी के हमले से अब तक सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान वन प्रमंडल के अलग अलग गांवों में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गोइलकेरा प्रखंड के सायतबा, कितापी और बिला गांव में एक एक व्यक्ति को मौत की नींद सुलाने के बाद लगातार चौथे दिन हाथी ने सोवां में एक ही परिवार के तीन लोगों को मार डाला। जानकारी के अनुसार वन विभाग सोमवार देर रात हाथी को ट्रैक कर उसे जंगल की ओर भगाने का अभियान चला रहा था। इसी दौरान विभाग को सूचना मिली कि हाथी को बाईहातु के पास देखा गया है। टीम के वहां पहुंचने पर पता चला कि सोवां में हाथी ने एक परिवार पर हमला कर दिया है।

वन विभाग के कर्मी मशाल लेकर टुंगरी पर स्थित झोंपड़ी तक पहुंचे। जहां हाथी के हमले में एक व्यक्ति और उसके बच्चे की मौत हो चुकी थी, जबकि एक बेटी घायल अवस्था में थी और उसकी सांसें चल रही थी। उसे बचाने के लिए देर रात ही विभाग द्वारा मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार में पांच लोग थे और वे टुंगरी पर झोंपड़ी बनाकर रहते थे। आसपास कोई बस्ती नहीं थी, जिससे हाथी के हमले के दौरान उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी। घटना से पूरे इलाके में दहशत है।

निगरानी में जुटा वन विभाग, अंधेरे में हो परेशानी :

हाथी को सुरक्षित और सघन जंगल में भगाने के लिए वन विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पश्चिम बंगाल से आई एक्सपर्ट की टीम भी है। सोमवार की रात वन विभाग का 25 सदस्यीय दल हाथी को ट्रैक करने में जुटा था। इसी दौरान सोवां गांव में यह दर्दनाक हादसा हो गया। टीम मौके पर पहुंची लेकिन तमाम प्रयास के बावजूद घायल बच्ची को बचाया नहीं जा सका। वहीं, सुदूर क्षेत्र में सड़कों की खराब हालत और अंधेरे के चलते अभियान में परेशानी आ रही है। हाथी के हमले के बाद देर रात अभियान रोक कर बच्ची को अस्पताल ले जाया गया था। सुबह फिर से अभियान की शुरुआत की गई है।

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