Election Commission Row: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आगामी चुनाव से पहले भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ममता बनर्जी ने आयोग पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) और पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को जिस तरह से उनके पदों से हटाया जा रहा है, वह पूरी तरह से ‘मनमाना’ है। मुख्यमंत्री का तर्क है कि यह कदम केवल राज्य के प्रशासनिक ढांचे को कमजोर करने और विपक्षी दलों को परेशान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
“लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं”: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों के तबादले की यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग स्वतंत्र रूप से कार्य करने के बजाय किसी विशेष राजनीतिक एजेंडे के तहत बंगाल के चुनाव को प्रभावित करना चाहता है। ममता के अनुसार, एक साथ इतने महत्वपूर्ण पदों से अधिकारियों को हटाना राज्य की कानून व्यवस्था और चुनावी तैयारियों में जानबूझकर बाधा डालना है। उन्होंने जनता से इस ‘प्रशासनिक अन्याय’ के खिलाफ खड़े होने की अपील की है।
अरविंद केजरीवाल का समर्थन: “चुनाव आयोग बना बीजेपी का हथियार”
ममता बनर्जी के इन आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। केजरीवाल ने ममता बनर्जी के रुख का पुरजोर समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए कहा कि बीजेपी ने बेईमानी से चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग को अपना ‘हथियार’ बना लिया है। केजरीवाल के अनुसार, संवैधानिक संस्थाओं का इस तरह का राजनीतिकरण देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक बड़ा खतरा है।
दिल्ली चुनाव का जिक्र: केजरीवाल ने गिनाई पुरानी घटनाएं
अरविंद केजरीवाल ने बंगाल की स्थिति की तुलना दिल्ली के पिछले चुनावों से की। उन्होंने दावा किया कि जो आज पश्चिम बंगाल में हो रहा है, ठीक वैसा ही दिल्ली के चुनाव के दौरान भी देखा गया था। केजरीवाल ने आरोप लगाया, “दिल्ली में भी वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम काटे गए थे, और पुलिस प्रशासन ने बीजेपी की कथित ‘गुंडागर्दी’ को खुलेआम शह दी थी।” उन्होंने कहा कि पूरा सरकारी तंत्र बीजेपी को जिताने के लिए झोंक दिया गया था और आज वही पैटर्न बंगाल में दोहराया जा रहा है।
लोकतंत्र बचाने के संघर्ष में ममता बनर्जी के साथ खड़ी ‘आप’
केजरीवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज ममता दीदी लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए कहा कि इस संघर्ष में आम आदमी पार्टी और वे खुद पूरी तरह उनके साथ हैं। केजरीवाल के मुताबिक, विपक्षी नेताओं को एकजुट होकर ऐसी ताकतों का मुकाबला करना होगा जो संस्थाओं के दम पर जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। यह बयान आने वाले चुनाव में विपक्षी एकता के नए समीकरणों की ओर भी इशारा कर रहा है।
प्रशासनिक फेरबदल और चुनावी गहमागहमी
जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, बंगाल में राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। चुनाव आयोग की कार्रवाई ने एक तरफ जहाँ सत्तापक्ष को नाराज कर दिया है, वहीं विपक्षी दल बीजेपी इसे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम बता रही है। 50 से ज्यादा अधिकारियों के तबादले ने बंगाल की नौकरशाही में भी हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की यह ‘जुगलबंदी’ और आयोग पर लगाए गए ये आरोप चुनावी नतीजों और जनता के मूड पर क्या असर डालते हैं।
Read More: सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर एक्शन: रामकृष्ण हॉस्पिटल के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज









