पंजाब में चुनावी माहौल, नगर निगम व काउंसिल चुनाव महीने के अंत तक हो सकते हैं

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनाव को लेकर आज आधिकारिक घोषणा की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जो दोपहर 3:30 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की संभावित तारीखों की जानकारी साझा की जाएगी। राज्य में लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों का इंतजार किया जा रहा था और अब प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पंजाब

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Published On :

मई 11, 2026

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चंडीगढ़
 पंजाब में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनाव को लेकर आज आधिकारिक घोषणा की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जो दोपहर 3:30 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की संभावित तारीखों की जानकारी साझा की जाएगी। राज्य में लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों का इंतजार किया जा रहा था और अब प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है।

पंजाब में इस बार नौ नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों में चुनाव कराए जाने हैं। राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से वार्डबंदी समेत जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। जिन शहरों में चुनाव होने हैं वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में राजनीतिक दल लगातार बैठकें कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों ने भी जनता के बीच सक्रियता बढ़ा दी है।

पार्टियों ने शुरू की चुनावी तैयारी

नगर निकाय चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। कई इलाकों में संभावित उम्मीदवारों ने पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर मंथन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों का फोकस खासतौर पर शहरी वोट बैंक पर बना हुआ है क्योंकि इन चुनावों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है।

चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अलग-अलग जिलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चंडीगढ़ और मोहाली सहित कई शहरों में चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी।

स्थानीय निकाय मंत्री की गिरफ्तारी के बीच चुनाव

यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री को हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब तक किसी अन्य मंत्री या अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि सरकार आगे इस विभाग की जिम्मेदारी किसे देगी। विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सरकार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न होने का दावा कर रही है।

2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे चुनाव

राजनीतिक जानकार इन नगर निकाय चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत मान रहे हैं। चूंकि चुनाव शहरी क्षेत्रों में हो रहे हैं, इसलिए इन्हें सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो महीनों में उन अधिकांश शहरों का दौरा कर चुके हैं जहां चुनाव प्रस्तावित हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का अवसर मान रहा है। पिछले चुनावों में सत्ताधारी दल को फायदा मिलता रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

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