US चुनाव में अल-सैयद की जीत से गदगद ओवैसी, मुस्लिम राजनीति पर दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली अमेरिका के मिशिगन में सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुलरहमान मोहम्मद अल-सैयद की जीत की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. वह अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम हैं. उनकी इस जीत पर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अब्दुल अल-सैयद की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को राजनीतिक पहचान मजबूत करने का संदेश दिया है. ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को भी अपनी सियासी पहचान मज़बूत करनी

Wrriten By :

Editor

Published On :

नवम्बर 5, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

नई दिल्ली
अमेरिका के मिशिगन में सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुलरहमान मोहम्मद अल-सैयद की जीत की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. वह अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम हैं. उनकी इस जीत पर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अब्दुल अल-सैयद की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को राजनीतिक पहचान मजबूत करने का संदेश दिया है.

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को भी अपनी सियासी पहचान मज़बूत करनी होगी. संघियों ने 'अब्दुल' को एक तंज़ में बदलने की बहुत कोशिश की है. वक़्त आ गया है कि हम दिखाएं कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की ग़ुलामी नहीं करता. अब दरी नहीं बिछाएंगे."

कौन हैं अब्दुल अल-सैयद?
अब्दुल अल-सैयद मिस्र-अमेरिकी मूल के डॉक्टर और प्रगतिशील नेता हैं. उन्होंने मिशिगन में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स के खिलाफ कड़े मुकाबले में जीत का दावा किया. उनकी इस जीत को अमेरिकी राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें लगातार इस्लामोफोबिक हमलों का सामना करना पड़ा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कई बार उन्हें निशाना बनाया और 'जिहादी' तक कहा.

मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अल-सैयद सीनेट में जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरने वाले इकलौते सीनेटर होंगे. उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर भी विरोध का सामना करना पड़ा. अगस्त में मिशिगन के डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में उनसे हारने वाली हेली स्टीवंस ने पार्टी के उम्मीदवार का साथ देने के बजाय रिपब्लिकन माइक रोजर्स का समर्थन किया था.

जीत के बाद क्या बोले अब्दुल अल-सैयद?
जीत का दावा करने के बाद अल-सैयद ने अपने भाषण में अमेरिकी व्यवस्था पर कॉरपोरेट कंपनियों और अरबपतियों के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि व्यवस्था को कॉरपोरेट और अरबपतियों के खास हितों ने अपने पक्ष में कर लिया है.

उन्होंने अमेरिकी नागरिकों की महंगाई और रोजमर्रा की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर देश में लोगों के लिए राशन खरीदना, गाड़ी में पेट्रोल भरवाना, घर खरीदना और डॉक्टर को दिखाना इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए.

अल-सैयद ने कहा कि टैक्स का पैसा लोगों और उनके बच्चों पर खर्च होना चाहिए, न कि दूसरे देशों के बच्चों पर बम गिराने में. उन्होंने कहा कि अमेरिका की महानता अपनी कमियों को नजरअंदाज करने में नहीं, बल्कि उन्हें सुधारने की हिम्मत दिखाने में है.

2