Eknath Shinde on Delimitation Bill: परिसीमन बिल पर शिंदे का विपक्ष पर तंज, सीएम पद पर दिया चौंकाने वाला बयान

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने परिसीमन बिल को लेकर 'इंडिया' गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। इसके साथ ही शिवसेना में 6 विपक्षी सांसदों की बगावत और मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर शिंदे ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है।

Eknath Shinde on Delimitation Bill

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 15, 2026

Eknath Shinde on Delimitation Bill: महाराष्ट्र की राजनीति में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण से जुड़े परिसीमन बिल पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के संभावित समर्थन की अटकलों के बीच उप मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का एक बड़ा बयान सामने आया है। एकनाथ शिंदे ने तंजिया लहजे में कहा कि यदि सुप्रिया सुले की पार्टी इस महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन करती है, तो यह देशहित में एक अच्छा कदम होगा।

हालांकि, उन्होंने विपक्षी खेमे पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समय पूरा ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन भारी असमंजस और वैचारिक भटकाव के दौर से गुजर रहा है। शिंदे ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि विपक्ष को संसद में इस कानून का समर्थन करना ही पड़ेगा, क्योंकि अगर वे महिला आरक्षण और विकास से जुड़े इन फैसलों के खिलाफ गए, तो देश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी और विपक्ष का हश्र भी पश्चिम बंगाल में मची राजनीतिक उथल-पुथल जैसा हो जाएगा। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून हर हाल में पारित होगा।

उद्धव गुट में बड़ी बगावत

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ वे चार बागी सांसद भी मंच पर मौजूद रहे, जो हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर पाला बदलते हुए वास्तविक शिवसेना में शामिल हुए हैं। उद्धव ठाकरे खेमे में हुई इस बड़ी बगावत और सांसदों के अपनी पार्टी में विलय पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने गर्व से कहा कि शिवसेना के कुल 6 लोकसभा सांसद दो-तिहाई बहुमत के साथ आधिकारिक तौर पर हमारे पाले में आ चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सांसदों ने स्वयं दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर आवश्यक विधिक और विधायी प्रक्रिया को पूर्ण किया है। शिंदे ने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा, “अब संसद के भीतर और बाहर वास्तविक शिवसेना का विधायी बहुमत काफी बढ़ चुका है। हमारी कार्यशैली हमेशा से ऐसी रही है कि हम जो भी राजनीतिक काम हाथ में लेते हैं, उसे पूरी दृढ़ता और पक्के तरीके से अंजाम देते हैं, जिसका उदाहरण देश पहले भी देख चुका है।”

जयंत पाटील और देवेंद्र फडणवीस की गुप्त बैठक

शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई देर रात की मुलाकात और राजनीतिक कयासों पर भी एकनाथ शिंदे ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राजनीति में दो अलग-अलग विचारधाराओं के नेताओं की हर मुलाकात को सत्ता परिवर्तन या चुनावी गठजोड़ से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब महाविकास अघाड़ी के शीर्ष नेता शरद पवार खुद हमसे मिलने आए थे, तो विरोधी खेमे के कई नेताओं के पेट में ऐसा दर्द हुआ मानो उन्होंने ‘जमालघोटा’ खा लिया हो। एनडीए (NDA) में नए दलों के शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए शिंदे ने स्पष्ट किया, “हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के एक बेहद विश्वसनीय और अटूट अंग हैं। भविष्य में किस क्षेत्रीय दल को इस गठबंधन का हिस्सा बनाना है, इसका अंतिम और सर्वोच्च निर्णय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही करेंगे।”

शिंदे ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को स्वीकारा

महाराष्ट्र में शीर्ष प्रशासनिक पद यानी मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही सभी राजनीतिक खींचतान और बयानबाजियों पर विराम लगाते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक बेहद परिपक्व और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में महाराष्ट्र सरकार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई भी रिक्ति (वेकेंसी) नहीं है। शिंदे ने माना कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर राजनीतिक दल के जमीनी कार्यकर्ताओं की यह स्वाभाविक इच्छा होती है कि उनकी अपनी पार्टी का नेता राज्य का मुखिया बने।

उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा, “जब मैं पूर्व में सूबे का मुख्यमंत्री था, तब स्वभाविक रूप से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को लगता था कि देवेंद्र जी को मुख्यमंत्री होना चाहिए, और हम इसमें कुछ भी अनुचित या बुरा नहीं मानते। आज देवेंद्र फडणवीस जी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और मैं उप मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहा हूँ, हमारा एकमात्र साझा एजेंडा सिर्फ और सिर्फ महाराष्ट्र का तीव्र विकास करना है।”