ED Raid Ashok Kharat: महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े चर्चित मामले में कथित फर्जी बाबा Ashok Kharat की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिस व्यक्ति पर लोगों को धोखा देने, यौन शोषण और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं, अब उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने पूरे केस को और गंभीर बना दिया है। ईडी की छापेमारी के बाद यह मामला केवल आपराधिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर आर्थिक अपराध की श्रेणी में भी आ गया है, जिससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
एक साथ 11 ठिकानों पर छापेमारी
ईडी ने नासिक में अशोक खरात से जुड़े कुल 11 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इन ठिकानों में उसका निवास स्थान, कार्यालय, फार्महाउस और एक धार्मिक स्थल (मंदिर) भी शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन स्थानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में मदद कर सकते हैं।
पूछताछ में टालमटोल और संदिग्ध जवाब
छापेमारी के बाद पूछताछ के दौरान अशोक खरात का रवैया जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया है। जब उससे उसकी फरार पत्नी के बारे में सवाल किए गए तो उसने स्पष्ट जवाब देने के बजाय कहा कि “मेरी पत्नी कहां है, यह तो भगवान ही जानते हैं।”
इस तरह के गोलमोल और टालमटोल जवाब जांच को और उलझा रहे हैं। अधिकारियों को शक है कि वह जानबूझकर जानकारी छिपाने की कोशिश कर रहा है, ताकि जांच को भटकाया जा सके। हालांकि, वह अपने बेटे को लेकर चिंता जताता हुआ भी दिखाई दिया और पुलिस से उससे संपर्क कराने की मांग करता रहा।
फरार पत्नी की तलाश और जांच एजेंसियों की कार्रवाई
इस मामले में अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस और एसआईटी उनकी लगातार तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है ताकि वे देश से बाहर न जा सकें। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी से केस की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई
अशोक खरात को आज नासिक की अदालत में पेश किया जाएगा क्योंकि उसकी पुलिस हिरासत समाप्त हो रही है। एसआईटी उसे एक अन्य मामले में भी हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां अब तक मिले सबूतों और छापेमारी में जुटाई गई जानकारी को अदालत के सामने पेश करेंगी। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश संभव है।
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