Delhi: 5 राज्यों के चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की बड़ी बैठक,पश्चिम बंगाल में मतदान पर महामंथन

दिल्ली में निर्वाचन आयोग की हाई-प्रोफाइल बैठक में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों पर महामंथन हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बंगाल में एक ही चरण में मतदान कराने की संभावनाओं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर चर्चा की गई। संवेदनशील बूथों की निगरानी के लिए विशेष खाका तैयार किया जा रहा है।

Delhi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 5, 2026

Delhi: इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसके लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।चुनाव आयोग आज दिल्ली में अहम बैठक करने जा रहा है।इस बैठक में पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भाग लेंगे।जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं वह कितने चरणों में हों,निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कितनी फोर्स की जरूरत होगी,जैसे विषयों पर गहनता से चर्चा होगी।

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विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की बड़ी बैठक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार,पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ बैठक काफी अहम मानी जा रही है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सवाल उठाया है कि,अगर अन्य राज्यों में एक चरण में चुनाव हो सकते हैं, तो बंगाल में क्यों नहीं? सीईओ के इस रूख ने इन अटकलों को जन्म दे दिया है कि,बंगाल का चुनाव निर्वाचन आयोग एक ही चरण में कराने पर विचार कर रहा है।

बंगाल में एक ही चरण में चुनाव कराने की तैयारी

सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार पिछले लोकसभा चुनाव में आठ चरणों में मतदान कराने के लिए केंद्रीय बलों की एक हजार कंपनियों की जरूरत पड़ी थी। ऐसे में चुनावी हिंसा झेलने वाले इस राज्य में यदि एक ही चरण में चुनाव कराना हो तो सुरक्षा बलों की संख्या दोगुनी करनी होगी।

संवेदनशील बूथों पर चुनाव आयोग की पैनी नजर

चुनाव आयोग इस बात का भी विश्लेषण करेगा कि,पिछले विधानसभा या लोकसभा चुनावों में जिन केंद्रों पर 80% से अधिक मतदान हुआ था,वहां सुरक्षा बलों की तैनाती का खाका कैसा हो।साथ ही,जहां किसी एक उम्मीदवार को कुल पड़े वोटों का 70-75% मिला है वहां सुरक्षा बलों की कितनी जरूरत है,इस पर भी चर्चा होगी।चुनाव आयोग की पैनी नजर संवेदनशील बूथों पर भी बनी हुई है।

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