Earthquake: म्यांमार में प्राकृतिक आपदा का खतरा एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को यहां 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने न केवल म्यांमार बल्कि भारत के पूर्वी हिस्सों और बांग्लादेश तक असर दिखाया। कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के कई जिलों में धरती हिली और लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
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म्यांमार में लगातार तीसरा भूकंप

पिछले 71 घंटों में म्यांमार में यह तीसरा भूकंप दर्ज किया गया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, इस बार भूकंप का केंद्र सेंट्रल म्यांमार के येनांगयांग से लगभग 95 किलोमीटर पश्चिम में था। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है।
कोलकाता में धरती हिली, लोग दहशत में
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 9:05 बजे कोलकाता में जमीन लगभग 10 से 15 सेकंड तक हिली। अचानक आए झटकों से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कोलकाता में किसी तरह की चोट या नुकसान की सूचना नहीं मिली। फिर भी, इस घटना ने लोगों को डरा दिया और शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र
म्यांमार भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसका कारण है कि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है। ये प्लेटें लगातार टकराती रहती हैं, जिसके चलते यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। यही वजह है कि म्यांमार और इसके आसपास के देशों में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है।
अतीत में भी आई बड़ी आपदाएं
मार्च 2025 में म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। उस समय भी भूकंप का केंद्र लगभग इतनी ही गहराई पर था। इस भूकंप ने सेंट्रल म्यांमार में भारी तबाही मचाई थी। इसके झटके थाईलैंड और चीन समेत पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए थे। उस आपदा ने हजारों लोगों को प्रभावित किया और म्यांमार की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया।
पड़ोसी देशों पर असर
म्यांमार में आए ताजा भूकंप का असर भारत और बांग्लादेश तक महसूस किया गया। पश्चिम बंगाल के अलावा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में झटके दर्ज किए गए। हालांकि, इन इलाकों में किसी तरह की क्षति की खबर नहीं है। फिर भी, लगातार आ रहे भूकंप लोगों के मन में भय पैदा कर रहे हैं।
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