Earthquake in Ladakh: सोमवार सुबह लद्दाख के लेह क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह भूकंप सुबह 11:51:14 बजे (IST) आया और इसकी तीव्रता 5.7 रिक्टर स्केल पर मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 171 किलोमीटर की गहराई में था। अक्षांश और देशांतर के अनुसार, इसका केंद्र 36.71 डिग्री उत्तर और 74.32 डिग्री पूर्व पर स्थित था। यह क्षेत्र सीधे तौर पर लेह, लद्दाख के अंतर्गत आता है।
जान-माल का कोई नुकसान नहीं

हालांकि, इस भूकंप के बाद जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और आपात तैयारियों को सक्रिय किया गया है। लद्दाख में यह भूकंप ऐसे समय में आया है, जब दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के पड़ोसी क्षेत्रों में भी हाल के दिनों में भूकंपीय गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह क्षेत्र भूकंप के प्रति संवेदनशील माना जाता है, लेकिन इस बार झटके अपेक्षाकृत हल्के रहे।
दिल्ली में भी महसूस हुए झटके
सोमवार सुबह दिल्ली में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, दिल्ली में भूकंप 2.8 तीव्रता का दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में था और जमीन की सतह से केवल 5 किलोमीटर की गहराई पर हुआ। झटके हल्के होने के कारण राजधानी में किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं मची और कोई नुकसान नहीं हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र में आती है और इसे सिस्मिक जोन-4 में शामिल किया गया है। सामान्य तौर पर, 2.8 तीव्रता के भूकंप से किसी भी तरह का गंभीर नुकसान नहीं होता। भूकंप के बाद दिल्ली-एनसीआर का हालात सामान्य बने हुए हैं।
अफगानिस्तान में भी भूकंप की घटनाएं
भूकंप केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहे। अफगानिस्तान में भी हाल ही में तीन भूकंप दर्ज किए गए हैं। रविवार शाम, 18 जनवरी को वहां 4.0 तीव्रता का भूकंप रात 8:30 बजे (IST) आया और यह जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसके पहले उसी दिन सुबह 7:05:58 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई भी 10 किलोमीटर थी। इससे पहले 15 जनवरी को अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जो 96 किलोमीटर की गहराई में था।
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिए सक्रिय माना जाता है और लगातार छोटे-छोटे झटके यहां आम हैं। लद्दाख और अफगानिस्तान में आए भूकंपों ने यह स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील है।










