E-Rickshaw News: ई-रिक्शा चालकों के लिए राहत, अब नहीं होगी बीच रास्ते बैटरी बंद

ई-रिक्शा चालकों की लंबे समय से चली आ रही बड़ी परेशानी पर अब सरकार ने सख्त कदम उठाया है। बैटरी को दूर से नियंत्रित करने वाले कुछ मोबाइल ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। आखिर ये ऐप्स कैसे काम करते थे और सरकार ने इन्हें हटाने का फैसला क्यों लिया? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 3, 2026

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E-Rickshaw News: देशभर में ई-रिक्शा चालकों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने ऐसे 7 मोबाइल ऐप्स के खिलाफ कदम उठाया है, जिन पर आरोप था कि उनका गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से नियंत्रित या बंद किया जा रहा था। इस फैसले के बाद हजारों ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार ने Google और Apple को निर्देश जारी करते हुए इन ऐप्स को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटाने के लिए कहा है।

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क्या थी असली समस्या?

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और विभिन्न शिकायत प्लेटफॉर्म्स पर कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें दावा किया गया कि कुछ लोग बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े मोबाइल ऐप्स का गलत उपयोग कर रहे हैं। आरोप था कि चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को अचानक बंद कर दिया जाता था, जिससे वाहन बीच रास्ते में रुक जाते थे। इस वजह से चालकों को यात्रियों के सामने परेशानी झेलनी पड़ती थी और उनकी रोजाना की कमाई पर भी असर पड़ रहा था।

सरकार ने क्यों लिया सख्त फैसला?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Google Android और Apple iOS को नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि जिन ऐप्स का उपयोग सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने या लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। इसी आधार पर BAT-BMS सहित कुल 7 ऐप्स को हटाने का निर्णय लिया गया है।

BAT-BMS ऐप क्या होता है?

BAT-BMS यानी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े ऐप्स का इस्तेमाल आमतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की स्थिति की निगरानी के लिए किया जाता है। इन ऐप्स के जरिए बैटरी का चार्ज लेवल, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी प्राप्त की जाती है। हालांकि, अगर इन ऐप्स का गलत उपयोग किया जाए तो यह बैटरी की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकते हैं। इसी संभावित खतरे को देखते हुए सरकार ने इन पर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।

ई-रिक्शा चालकों को क्या फायदा मिलेगा?

इस कदम के बाद ई-रिक्शा चालकों को काफी राहत मिलने की संभावना है। यदि इन ऐप्स का दुरुपयोग पूरी तरह रोका जाता है, तो चलते समय बैटरी बंद होने जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। इससे न केवल चालकों का समय बचेगा बल्कि उनकी आय पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही यात्रियों के लिए सफर अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगा।

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क्या सभी ई-रिक्शा पर असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या सभी ई-रिक्शा वाहनों में नहीं है। केवल उन वाहनों में जोखिम अधिक है, जिनमें मोबाइल ऐप आधारित बैटरी कंट्रोल सिस्टम मौजूद होता है। जिन ई-रिक्शा में यह तकनीक नहीं है, उन्हें इस मुद्दे से कोई सीधा खतरा नहीं है। फिर भी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैटरी या इलेक्ट्रिक सिस्टम खरीदते समय उसकी सुरक्षा और सॉफ्टवेयर फीचर्स की अच्छी तरह जांच की जाए।

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