
Dussehra 2026: हिंदू धर्म में विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व बेहद उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी, वहीं दूसरी ओर यह दिन मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के संहार और नौ दिनों की उपासना के समापन का भी उत्सव है।

ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से विजयादशमी को एक अत्यंत ही शुभ और ‘अबूझ मुहूर्त’ माना गया है। इसका अर्थ यह है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने या नई वस्तुओं की खरीदारी के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती है। यही वजह है कि इस पावन तिथि पर नया कारोबार शुरू करना, गृह प्रवेश करना और नई वस्तुएं खरीदना बहुत फलदायी माना जाता है। हालांकि, शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों का भी उल्लेख है जिन्हें इस दिन खरीदना या करना वर्जित बताया गया है। आइए जानते हैं कि विजयादशमी पर किन चीजों की खरीदारी सबसे शुभ मानी जाती है और किन कामों से बचना चाहिए।
Badrinath Dham: बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय, केदारनाथ धाम को ले
विजयादशमी पर इन चीजों की खरीदारी करना माना जाता है बेहद शुभ
ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन निम्नलिखित चीजों को घर लाना आपके जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है:
सोना-चांदी: दशहरे के दिन सोने या चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन कीमती धातुएं घर लाने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है और घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती।
वाहन की खरीदारी: विजयादशमी का दिन नया वाहन (कार, बाइक, स्कूटी आदि) खरीदने के लिए सबसे उत्तम अबूझ मुहूर्तों में से एक माना गया है। इस दिन वाहन खरीदने से उसमें हमेशा शुभता और बरकत बनी रहती है।
जमीन-जायदाद और मकान: संपत्ति, फ्लैट या प्लॉट की खरीदारी के लिए भी इस दिन को बहुत मंगलकारी माना जाता है। दशहरे पर प्रॉपर्टी में निवेश करने से जीवन में स्थायी समृद्धि की प्राप्ति होती है।
शमी और अपराजिता का पौधा: धार्मिक दृष्टिकोण से दशहरे के दिन घर में शमी का पौधा लाना और उसकी पूजा करना बहुत फलदायी होता है। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है। इसके अलावा, मां दुर्गा की कृपा और विजय प्राप्ति के लिए ‘अपराजिता का पौधा’ घर लाकर लगाना भी बेहद शुभ माना जाता है।

झाड़ू: जिस प्रकार दिवाली पर नई झाड़ू खरीदने का विधान है, ठीक उसी तरह दशहरे पर भी झाड़ू खरीदना अच्छा माना जाता है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता दूर होती है।
श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र और पीली कौड़ी: आर्थिक उन्नति के लिए इस दिन घर में श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र लाना चाहिए। साथ ही, 5 या 11 की संख्या में पीली कौड़ियां लाकर उनकी पूजा करने और उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से कभी धन का अभाव नहीं होता।
नया बही-खाता और डायरी: व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए दशहरे पर नया बही-खाता, कार्यस्थल के लिए डायरी या लेखन सामग्री खरीदना प्रगति और सफलता का प्रतीक माना जाता है।
कलश: पूजा-पाठ के लिए मिट्टी, पीतल या तांबे का नया कलश घर लाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
दशहरे के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान और बचें इन कार्यों से

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के पवित्र दिन किसी भी तरह के वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़े या अनैतिक कार्यों से पूरी तरह बचना चाहिए। इस दिन किसी का अपमान न करें और अपने मन में अहंकार को न आने दें। इसके अलावा, इस पावन अवसर पर विशेष रूप से शमी और अपराजिता के पौधों को किसी भी प्रकार का नुकसान या क्षति नहीं पहुंचानी चाहिए, क्योंकि इनकी पूजा का इस पर्व पर विशेष विधान है। संयम, सादगी और सकारात्मकता के साथ इस पर्व को मनाना जीवन में निरंतर विजय और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
Dussehra 2026: लखनऊ-कानपुर में दशहरा मेले की तैयारी, जानें कहां-कहां होगा रावण दहन











