
Dussehra 2026: विजयदशमी का पर्व भारतीय संस्कृति, गहरी आस्था और उत्सव का एक ऐसा जीवंत प्रतीक है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति और भव्य रामलीला के मंचन के बाद, दशहरे के दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में इस पर्व का उत्साह और रौनक हमेशा से ही बेहद खास रही है। यहां के मेलों में उमड़ती भीड़, रंग-बिरंगी दुकानें और खानपान के स्टॉल हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अगर आप भी इस साल अपने परिवार और बच्चों के साथ दशहरा मेला घूमने की योजना बना रहे हैं, तो लखनऊ के ऐशबाग से लेकर कानपुर के ऐतिहासिक मैदानों तक के खास आकर्षण आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।
लखनऊ में दशहरा मेला: ऐशबाग और महोना के प्रमुख केंद्र

लखनऊ की ऐतिहासिक रामलीला और दशहरा परंपरा देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखती है। यहां के प्रमुख आयोजनों में ऐशबाग रामलीला मैदान का नाम सबसे ऊपर आता है।
ऐशबाग रामलीला मैदान: लखनऊ की पुरानी रामलीला परंपरा से जुड़ा ऐशबाग मैदान दशहरे के सबसे बड़े आकर्षणों में शुमार है। यहां भव्य रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विशाल रावण दहन देखने के लिए हजारों दर्शकों का जनसैलाब उमड़ता है। इस मैदान पर होने वाले आयोजनों की भव्यता देखने लायक होती है।
महोना दशहरा मेला, इटौंजा क्षेत्र: यदि आप किसी पारंपरिक और ग्रामीण परिवेश के मेले का असली अनुभव लेना चाहते हैं, तो राजधानी के महोना इलाके का दशहरा मेला एक बेहतरीन विकल्प है। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस मेले में पारंपरिक रामलीला, पुतला दहन और ग्रामीण मेलों की रौनक साफ तौर पर देखने को मिलती है, हालांकि यहां जाने से पहले स्थानीय स्तर पर समय की पुष्टि जरूर कर लें।
कानपुर में दशहरा मेला: परेड, लाजपत नगर और गोविंद नगर की धूम

कानपुर अपने विशाल आयोजनों और ऐतिहासिक मेलों के लिए पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। विजयादशमी के अवसर पर यहां के कई मैदानों पर भव्य मेले सजते हैं।
परेड रामलीला मैदान: कानपुर के ऐतिहासिक और सबसे लोकप्रिय रामलीला आयोजनों में परेड रामलीला मैदान का विशेष स्थान है। यहां होने वाले आयोजनों में रामलीला के विभिन्न जीवंत प्रसंग, रोमांचक रावण वध और शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण होते हैं, जो दर्शकों का दिल जीत लेते हैं।
लाजपत नगर दशहरा मेला: कानपुर के लाजपत नगर में आयोजित होने वाला दशहरा मेला भी काफी प्रसिद्ध है। यहां पारंपरिक रूप से रावण और मेघनाद के ऊंचे पुतलों के दहन के साथ-साथ लंका दहन के रोमांचक दृश्यों का आयोजन किया जाता है, जिसे देखने के लिए आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

गोविंद नगर रामलीला मैदान: गोविंद नगर में भी दशहरे के पावन पर्व पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतला दहन की पुरानी परंपरा रही है। यहां लगने वाला स्थानीय मेला बच्चों और परिवारों के घूमने के लिए एक बहुत ही आकर्षक केंद्र साबित होता है।
यात्रा से जुड़ी जरूरी सलाह: यदि आप 2026 में इन मेलों का आनंद लेने जा रहे हैं, तो भारी भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए समय से पहले अपनी तैयारी करें। साथ ही, स्थानीय आयोजन समितियों से कार्यक्रमों के सटीक समय और दिशा-निर्देशों की पुष्टि जरूर कर लें, ताकि आपका परिवार बिना किसी असुविधा के इस पावन पर्व का भरपूर आनंद उठा सके।
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